Please wait...

 
Trending Now
  • हिप्र के सीएम सुञ्चखू ने 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ का बजट किया पेश
  • कोहली ने आरसीबी के खिलाडिय़ों को दिया सुझाव
  • ओलंपिक में पदार्पण को घोषाल ने ऐतिहासिक बताया
  • आयरलैंड के खिलाफ 26 और 28 जून को टी20 खेलेगा भारत : बीसीसीआई
  • पश्चिम एशिया संकट से मप्र का चावल निर्यात प्रभावित
Sunday, Mar 22, 2026
Published on: Saturday, November 15, 2025
विशेष

शीतकालीन सत्र में उठेगा विधयाकों के वेतन व पेंशन में वृद्धि का मुद्दा



भुवनेश्वर, (निप्र) : ओडिशा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस बार एक बड़ा मुद्दा जोर पकड़ रहा है, विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन व पेंशन में बढ़ोतरी।  इस मांग पर सत्ता दल और विपक्ष दोनों की आवाज एक हो गई है। रोज बढ़ती महंगाई को देखते हुए विधायक और पूर्व विधायक एक-एक कर वेतन बढ़ाने के पक्ष में अपनी मांग रख रहे हैं।

इस बार के सत्र में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गठित वेतन वृद्धि समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए मोहन सरकार से निर्णय लेने की मांग पर जोर रहेगा। सांसदों के वेतन वृद्धि की तरह क्या विधायकों और पूर्व विधायकों की पेंशन और भत्तों में भी वृद्धि करेगी मोहन सरकार यह चर्चा जोरों पर है। शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही इस मुद्दे पर आवाज उठ चुकी है। पूर्व मंत्री और बीजेडी नेता नृसिंह साहू ने कहा कि राज्य में कई पूर्व विधायक कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं। कुछ की हालत ऐसी है कि उन्हें बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है। इसलिए पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाना आवश्यक है। दवाइयों पर खर्च हो या बाजार की कीमतें, मौजूदा पेंशन उसकी भरपाई नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद विधायक थे, तब उन्होंने भी विधायक वेतन वृद्धि की मांग की थी। अब मुख्यमंत्री स्वयं उस मांग को पूरा करें। बीजेपी विधायक अमर नायक ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे से अवगत है। इससे पहले विधानसभा द्वारा गठित वेतन वृद्धि समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक भास्कर मढेई राज्य सरकार को वेतन वृद्धि की सिफारिश कर चुके हैं। वर्तमान में ओडिशा के विधायकों को 35 हजार रुपये वेतन और लगभग 65 हजार रुपये विभिन्न भत्तों के रूप में मिलते हैं। इसमें यातायात भत्ताे के लिए 15 हजार रुपये, मेडिकल के लिए 5 हजार रुपये और टेलीफोन के लिए 8 हजार रुपये शामिल हैं। विधानसभा समिति ने वेतन और भत्तों में वृद्धि की सिफारिश की है, जो फिलहाल सरकार के विचाराधीन है। इसलिए शीतकालीन सत्र में इस पर कानून लाकर उसे लागू करने की मांग उठी है।

समिति के अध्यक्ष भास्कर माढ़ी ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है और उचित समय पर निर्णय लेगी। आखिरी बार 2017 में विधायकों का वेतन बढ़ाया गया था। वर्तमान में पूर्व विधायकों को 30 हजार रुपये पेंशन मिलती है। इसलिए कई पूर्व विधायक आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या सरकार इस शीतकालीन सत्र में उनकी परेशानी को समझकर कोई निर्णय लेती है या नहीं।

हाल की खबरें
Copyright © 2026 PRAJABARTA. All rights reserved.