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Saturday, Feb 21, 2026
Published on: Friday, February 20, 2026
राज्य

मुख्‍यमंत्री ने पेश किया 3.10 लाख करोड़ का बजट


भुवनेश्वर, (निप्र) : मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए राज्य को समावेशी, सशञ्चत और आत्मनिर्भर ओडिशा बनाने का रोडमैप सामने रखा। मुख्यमंत्री के साथ वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे माझी ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास का दूरदर्शी दस्तावेज है।
सरकार ने कुल 3,10,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें 2,48,500 करोड़ रुपये की कुल राजस्व प्राप्ति का अनुमान है, जबकि 2,15,500 करोड़ रुपये का राजस्व व्यय निर्धारित किया गया है। इसके साथ राज्य को 33,000 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष मिलने की उम्मीद है। राज्य की अपनी कर प्राप्ति 1,37,460 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि केंद्र के करों में राज्य की हिस्सेदारी 67,460 करोड़ रुपये होगी। गैर-कर राजस्व से 1,11,039 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। हालांकि, राजकोषीय घाटा 38,800 करोड़ रुपये और प्राथमिक घाटा 30,600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। बजट में सबसे बड़ा फोकस पूंजीगत व्यय पर है। वर्ष 2026-27 के लिए 94,500 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जिसमें से 72,100 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश (कैपिटल आउटले) के लिए निर्धारित हैं। ऋण भुगतान के लिए 22,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है।
कृषि और सिंचाई पर जोर
बजट में कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, उच्च गुणवत्ता बीज, प्राकृतिक खेती और सिंचाई विस्तार पर विशेष बल दिया गया है। जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और नदी तट विकास कार्यक्रमों को गति देने की घोषणा की गई। सरकार का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना है।
 शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
विद्यालय अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक पदों की पूर्ति और कौशल विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों के उन्नयन, मुफ्त दवा और जांच सुविधा तथा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के विस्तार का प्रावधान है। महिला सशञ्चितकरण, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहयोग, पोषण कार्यक्रम और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार की भी घोषणा की गई है।
 उद्योग, निवेश और डिजिटल शासन
खनिज आधारित उद्योग, सेमीकंडक्टर और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को बढ़ावा देने की नीति दोहराई गई। एमएसएमई और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने तथा निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया। ई-गवर्नेंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं के विस्तार की भी घोषणा की गई।
 समावेशी विकास' का दावा
अपने भाषण के समापन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्‍त बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने सदन से बजट प्रस्तावों को पारित करने का आग्रह किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूंजीगत निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान आगामी वर्षों में राज्य की विकास दर को नई दिशा दे सकता है।

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