पुरी, (निप्र) : पुरी शहर की अदालतों को बालुखंड वन्यजीव अभयारण्य के निकट प्रस्तावित स्थान पर स्थानांतरित करने के विरोध में शुक्रवार को वकीलों ने मालतीपटपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। पुरी बार एसोसिएशन के आह्वान पर सैकड़ों वकील सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक राजमार्ग पर धरने पर बैठे रहे, जिससे पुरी आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
बार एसोसिएशन के सचिव सरत रायगुरु ने बताया कि अदालत स्थानांतरण के विरोध में पिछले 350 दिनों से सत्याग्रह जारी है। प्रशासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण आंदोलन को तेज करते हुए हाईवे जाम का निर्णय लिया गया। उनका कहना है कि प्रस्तावित स्थल के लिए बालुखंड क्षेत्र में पांच एकड़ भूमि विधि विभाग को सौंपी गई है, जो तटीय विनियमन क्षेत्र, पारिस्थितिक संवेदनशील और मीठे पानी के जोन के अंतर्गत आती है।
ऐसे क्षेत्र में निर्माण गतिविधि की अनुमति नहीं है, इसलिए योजना पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। यह सिर्फ वकीलों का मुद्दा नहीं, आम लोगों के नुकसान का दावा है। वकीलों का तर्क है कि अदालत परिसर के स्थानांतरण से लाखों लोग प्रभावित होंगे और न्यायिक सेवाओं तक आमजन की पहुंच कठिन हो जाएगी। उन्होंने मांग की कि विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर वैकल्पिक समाधान निकाला जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को नहीं रोका गया, क्योंकि आंदोलन जनता के हित में है। हालांकि, सड़क अवरोध के कारण कई यात्री मार्ग में फंसे रहे, जिनमें भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु और बीमार परिजन से मिलने जा रहा एक वृद्ध दंपती भी शामिल थे।बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध व्यापक जनहित में है और न्यायिक सेवाओं की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।