रिंकू सिंह ने भी खेला जुझारू अर्धशतकीय पारी
कोलकाता : वरुण चक्रवर्ती और सुनील नारायण की फिरकी के जादू के बाद रिंकू सिंह के जुझारू अर्धशतक से कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार को यहां विषम परिस्थितियों से उबरते हुए राजस्थान रॉयल्स चार विकेट से हराकर मौजूदा सत्र में जीत का खाता खोला।
रॉयल्स के 156 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नाइट राइडर्स की टीम 14वें ओवर में 85 रन पर छह विकेट गंवाने के बाद संकट में थी लेकिन रिंकू (नाबाद 53 रन, 34 गेंद, पांच चौके, दो छक्के) और अनकूल रॉय (नाबाद 29, 16 गेंद, दो छक्के, एक चौका) के बीच सातवें विकेट की 37 गेंद में 76 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 19.4 ओवर में छह विकेट पर 161 रन बनाकर जीत दर्ज करने में सफल रही।
सात मैच में पहली जीत
सात मैच में पहली जीत दर्ज करने के बाद नाइट राइडर्स की टीम तीन अंक के साथ 10 टीम की तालिका में नौवें स्थान पर पहुंच गई है। लगातार दूसरी हार के बाद रॉयल्स की टीम छह मैच में आठ अंक के तीसरे स्थान पर है।
अच्छी शुरुआत के बावजूद रॉयल्स का नहीं बना बड़ा स्कोर
सलामी बल्लेबाजों वैभव सूर्यवंशी (46 रन, 28 गेंद, छह चौके, दो छक्के) और यशस्वी जायसवाल (39 रन, 29 गेंद, चार चौके, दो छक्के) के बीच पहले विकेट के लिए 8.4 ओवर में 81 रन की साझेदारी के बावजूद रॉयल्स की टीम नौ विकेट पर 155 रन ही बना सकी।
चक्रवती 14 पर तीन विकेट झटके
लेग स्पिनर चक्रवर्ती (14 रन पर तीन विकेट) और ऑफ स्पिनर नारायण (26 रन पर दो विकेट) की स्टार जोड़ी के सामने रॉयल्स ने बीच के ओवरों में लगातार विकेट गंवाए जिससे टीम अंतिम 10 ओवर में 60 रन ही जुटा सकी। कार्तिक त्यागी (22 रन पर तीन विकेट) ने निचले मध्य क्रम को ध्वस्त किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरे नाइट राइडर्स की शुरुआत खराब रही और टीम ने दूसरे ओवर में पांच रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों टिम सीफर्ट और कप्तान अजिंक्य रहाणे के विकेट गंवा दिए जो खाता खोलने में भी नाकाम रहे। जोफ्रा आर्चर ने पारी की पहली ही गेंद पर सीफर्ट को बोल्ड किया जबकि अगले ओवर में नांद्रे बर्गर ने रहाणे को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। कैमरन ग्रीन (27) ने बर्गर पर लगातार दो चौकों के साथ शुरुआत की जबकि इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में छक्का भी जड़ा लेकिन इसके बाद रवि बिश्नोई की लेग साइड से बेहद बाहर जाती गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में पूरी तरह से चूक गए और जुरेल ने उन्हें स्टंप कर दिया। नाइट राइडर्स ने पावर प्ले में तीन विकेट पर 51 रन बनाए।
जडेजा ने अंगकृष रघुवंशी (10) को पगबाधा करके नाइट राइडर्स को चौथा झटका दिया और फिर रोवमैन पावेल (23) को डोनोवन फरेरा के हाथों कैच कराके स्कोर पांच विकेट पर 70 रन किया। रिंकू सिंह को आठ रन के स्कोर पर जडेजा की गेंद पर बर्गर ने जीवनदान दिया। रमनदीप सिंह (10) भी इसके बाद लेग स्पिनर यश राज पुंजा की गेंद को विकेटों पर खेलकर बोल्ड हुए। नाइट राइडर्स को अंतिम पांच ओवर में 59 रन की दरकार थी। रिंकू और अनुकूल रॉय ने बिश्नोई पर छक्के के साथ रन गति में इजाफा किया और 16वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।
रिंकू ने अगले ओवर में आर्चर पर दो चौकों के साथ गेंद और रन के बीच के अंतर को कम किया।
यह पारी मेरे आत्मविश्वास के लिए अहम थी : रिंकू
रिंकू सिंह ने रविवार को यहां नाबाद 53 रन की पारी खेलकर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आईपीएल के तनावपूर्ण मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को इस सत्र की पहली जीत दिलाने के बाद कहा कि जोश तो था लेकिन कोई हिचकिचाहट नहीं थी। जब लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल लग रहा था, तब रिंकू ने संयम और नियंत्रित आक्रामकता का तालमेल बिठाते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। उन्होंने मैच के बाद कहा, कभी-कभी ऐसा होता है जब कुछ चीजें आपके हिसाब से नहीं होतीं तो आप वह जोश महसूस करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं था कि मैं अपने शॉट खेलने को लेकर हिचकिचा रहा था या मुझे कोई दुविधा थी। मेरी सोच यही थी कि खेल को आखिर तक ले जाऊं। इस सत्र में एक बड़ी पारी की तलाश में रहे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने शुरुआत में मिले एक जीवनदान का पूरा फ़ायदा उठाया और मैच का रुख केकेआर के पक्ष में मोड़ दिया। रिंकू ने कहा, कभी-कभी ऐसा ही होता है। दिमाग ठीक से काम नहीं करता और आप ऐसे शॉट्स खेल बैठते हैं। लेकिन शुक्र है कि किस्मत मेरे साथ थी और आखिरकार हम मैच जीत गए। रिंकू ने माना कि इस पारी का उन्हें लंबे समय से इंतजार था और यह उनके आत्मविश्वास के लिए बहुत जरूरी थी।