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Monday, Dec 1, 2025
Published on: Monday, November 24, 2025
राज्य

मुख्यमंत्री ने सुनी लोगों की शिकायतें



भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को अपनी 15वीं जन शिकायत सुनवाई आयोजित की, जिसमें करीब 1,000 नागरिकों ने अपनी शिकायतें मुक्चयमंत्री के समक्ष रखी। यह सुनवाई भुवनेश्वर के यूनिट-2 स्थित पुराने सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुई, जो 28 जुलाई के बाद की पहली ऐसी बैठक थी। सूत्रों के अनुसार, 8 सितंबर को पंजीकरण कराने वालों की समस्याओं को आज सुना गया। मुख्यमंत्री ने पेंशन में देरी, भूमि आवंटन और आवास लाभ में बदलाव की मांग जैसी विभिन्न शिकायतें सुनीं। बड़ी संख्या में लोग सुबह-सुबह ही अपनी समस्याएं प्रस्तुत करने के लिए कतार में लग गए थे, जिनमें से कई मुद्दों को मुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों ने तुरंत रिकॉर्ड किया।

ढेंकानाल की एक महिला, जिसे हाल ही में बेदखली के बाद विस्थापित होना पड़ा था, ने 3,500 रुपये की पेंशन मिलने पर आभार व्यञ्चत किया। उन्होंने कहा, मैं ढेंकानाल से यहां आई हूं और मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत खुश हूं। उन्होंने मेरी शिकायतें सुनीं। मैंने उन्हें 3,500 रुपये की पेंशन देने के लिए धन्यवाद दिया। मैंने उनसे जमीन आवंटन का भी अनुरोध किया और उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मेरी अपील पर ध्यान देंगे। राज्य के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया, जो बैठक में मौजूद थे, ने कहा कि सभी शिकायतें ध्यानपूर्वक दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने स्थल पर ही कई मुद्दों पर चर्चा की और नए ऐलान करने के बजाय ठोस कार्रवाई के माध्यम से समाधान देने पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा, मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतें नोट की हैं। कुछ लोग आवास के बदले जमीन की मांग कर रहे हैं। इस पर चर्चा हुई है। हम उचित कार्रवाई करके लोगों की वैध आवश्यकताओं को पूरा करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार प्रत्येक मामले को उसकी आवश्यकता के आधार पर समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह जन सुनवाई जनता के मुख्यमंत्री द्वारा सीधे समस्याओं की समीक्षा का उदाहरण है। नई सरकार द्वारा इस वर्ष शुरू की गई ये शिकायत सुनवाई कार्यक्रम नागरिकों और शीर्ष प्रशासनिक निर्णयकर्ताओं के बीच सीधे संवाद का माध्यम बन रहे हैं। 15वीं बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि दर्ज और लिखित शिकायतों के आधार पर विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार जन प्रतिक्रिया और पिछली शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी बैठकों को समय-समय पर जारी रखेगी।

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