माझी और वैष्णव ने किया शिलान्यास
2,500 लोगों को मिलेगा रोजगार
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य ने सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में रविवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खाेर्द्धा के इन्फोवैली में 2,000 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास किया। 3डी ग्लास सॉल्यूशंस द्वारा विकसित की जा रही यह अत्याधुनिक परियोजना राज्य में तकनीकी निवेश के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
इस इकाई से करीब 2,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा।केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि यह परियोजना ओडिशा के औद्योगिक और तकनीकी परिदृश्य को नई दिशा देगी। उन्होंने बताया कि भारत में पहली बार उन्नत ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग तकनीक का निर्माण यहां होगा, जो भविष्य में वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की रीढ़ बनने जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस परियोजना को न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, यह परियोजना ओडिशा के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण है। यह देश की पहली उन्नत 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट होगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेगी।
उन्होंने आगे कहा, ओडिशा आज वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। इंटेल, लॉकहीड मार्टिन और एप्लाइड मटेरियल्स जैसी प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों का इस परियोजना से जुडऩा इस बात का प्रमाण है कि राज्य की औद्योगिक पारिस्थितिकी पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य में अब तक हुए निवेश का उल्लेख करते हुए कहा, हम पहले ही सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्रों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर चुके हैं।
आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और सिक्ससेम जैसी कंपनियां यहां अपनी इकाइयां स्थापित कर चुकी हैं, जो ओडिशा को इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ओडिशा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और पूर्वी भारत में यह इसका लॉन्चपैड बनेगा। हम एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जहां तकनीक, नवाचार और उद्योग विकास के प्रमुख स्तंभ होंगे।