कटक (निप्र) : कटक शहर के अंतर्गत बारबाटी-कटक विधानसभा क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। क्षेत्र की विधायक सोफिया फिरदौस और कटक नगर निगम (सीएमसी) के मेयर सुभाष सिंह के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हालांकि दोनों नेता सरकारी कार्यक्रमों में एक साथ मंच साझा करते और बातचीत करते भी नजर आते हैं, लेकिन मीडिया के सामने एक-दूसरे पर तीखे बयान देकर राजनीतिक माहौल को गर्मा रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि 2029 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कटक की राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं। अटकलें यह भी हैं कि सोफिया फिरदौस आगामी चुनाव में कांग्रेस की बजाय अपने पिता द्वारा स्थापित क्षेत्रीय दल 'ओडिशा जनता कांग्रेस पार्टी' से चुनाव लड़ सकती हैं। वहीं, 2024 चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे डा पूर्ण चंद्र महापात्र अब राजनीतिक और सरकारी गतिविधियों में सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं।
दूसरी ओर पूर्व विधायक और राज्यसभा सांसद देवाशीष सामंतराय भी कटक की स्थानीय राजनीति से दूर दिखाई दे रहे हैं। उनके और मेयर सुभाष सिंह के गुटों के बीच भी रिश्ते सामान्य नहीं बताए जा रहे हैं, जिसके चलते मेयर पर लगने वाले आरोपों पर कोई खुला समर्थन सामने नहीं आ रहा। इसी बीच बीजेडी के भीतर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
पार्टी से अलग हुए विधायक सौविक बिस्वाल और उनके पिता पूर्व विधायक प्रभात बिस्वाल के साथ-साथ बांक विधायक देवी रंजन त्रिपाठी और उनके पिता प्रभात त्रिपाठी ने 17 अप्रैल को बीजू पटनायक की पुण्यतिथि अलग तरीके से मनाई। इसके जवाब में सीएमसी मेयर सुभाष सिंह ने कटक में आधिकारिक बीजेडी कार्यक्रम आयोजित किया। इससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि बारबाटी-कटक सीट से बीजेडी एक बार फिर सुभाष सिंह को उक्वमीदवार बना सकती है।
इसी राजनीतिक खींचतान के बीच विधायक सोफिया फिरदौस ने शुक्रवार को बारबाटी फूडकोर्ट में दुकानों के आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमसी द्वारा बनाए गए जटिल नियम छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए बाधा बन रहे हैं, जबकि प्रशासन इस मुद्दे पर मौन है। सोफिया फिरदौस ने मांग की कि आवेदन प्रक्रिया में ट्रेड लाइसेंस और फूड लाइसेंस को अनिवार्य बनाने की शर्त को हटाया जाए, ताकि योग्य आवेदकों को अवसर मिल सके।
साथ ही उन्होंने पारदर्शिता के लिए ओडिया भाषा में ब्रोशर, आवेदन प्रक्रिया का 30 दिन विस्तार, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, एसएचजी समूहों को प्राथमिकता और लॉटरी आधारित निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि मेयर अपनी पसंदीदा संस्थाओं को लाभ पहुंचाने के लिए अनियमितताएं कर रहे हैं। उन्होंने सीएमसी में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के भी गंभीर आरोप लगाए।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मेयर सुभाष सिंह ने कहा कि सोफिया फिरदौस को नगर निगम की कार्यप्रणाली की जानकारी नहीं है। वे केवल मीडिया में बयान देने तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि सीएमसी आयुञ्चत और अधिकारियों के काम पर सवाल उठाना निंदनीय है और सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।