राज्य योजना बोर्ड की लेगा जगह
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य सरकार जल्द ही ‘स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इनिशिएटिव्स’ (सिटी ओडिशा) की स्थापना करने जा रही है। यह संस्थान राज्य सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा और एक शीर्ष नीति अनुसंधान एवं रणनीतिक सलाहकार निकाय के तौर पर काम करेगा। योजना एवं समन्वय विभाग द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार, यह संस्थान ‘समृद्ध ओडिशा 2036’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों के अनुरूप नीतिगत दिशा प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 18 जुलाई 2024 को राज्य योजना बोर्ड को भंग कर दिया था। पारंपरिक योजना तंत्र के अप्रासंगिक हो जाने के बाद, सिटी ओडिशा एक दूरदर्शी ढांचा उपलब्ध कराएगा, जो रणनीतिक नीति निर्माण, नवाचार, सहकारी संघवाद और मापनीय परिणामों पर आधारित होगा। यह संस्थान अर्थव्यवस्था एवं वित्त, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आजीविका, रोजगार एवं शहरी विकास, विचार एवं नवाचार, ऊर्जा परिवर्तन, पर्यावरण एवं वन तथा खनन एवं प्राकृतिक संसाधन जैसे प्रमुख छह क्षेत्रों में सरकार को मार्गदर्शन देगा।
सिटी ओडिशा में एक गवर्निंग काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। इसके अलावा एक उपाध्यक्ष, चार पूर्णकालिक सदस्य, नौ पदेन सदस्य और दो विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। यह परिषद संस्थान के कार्यों की निगरानी और मार्गदर्शन करेगी तथा वर्ष में कम से कम एक बार बैठक करेगी। संस्थागत ढांचे के तहत मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट मंत्री के स्तर के एक उपाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।
राज्य के प्राथमिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्य मंत्री के दर्जे के साथ पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया जाएगा। विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त मुख्य सचिव सदस्य सचिव होंगे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री आईएएस कैडर के प्रमुख सचिव या आयुक्त-सह-सचिव स्तर के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति करेंगे।
संस्थान में संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञता वाले एक प्रोग्राम निदेशक, बहु-विषयक परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) तथा एक प्रशासनिक इकाई भी होगी। इसके अलावा ‘स्टेट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस’ (एसएमईओ) नामक एक संबद्ध कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा, जो साक्ष्य-आधारित प्रशासन के लिए राज्य का नोडल संस्थान होगा। सिटी ओडिशा योजना एवं समन्वय विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगा।