मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर 6,597 करोड़
मुंबई : भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (वीएएमएल) ने स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के वित्तीय परिणामों में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 205 प्रतिशत बढ़कर 6,597 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कंपनी के बोर्ड ने 8 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।
कंपनी की कुल आय बढ़कर 21,105 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। बेहतर बिक्री और अनुकूल बाजार कीमतों के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह, कंपनी का ईबीआईटीडी भी रिकॉर्ड 10,499 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही आधार पर 24 प्रतिशत और सालाना आधार पर 134 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।
लागत नियंत्रण के चलते ईबीआईटीडीए मार्जिन बढ़कर 50 प्रतिशत के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति भी मजबूत की है। नेट डेट-टू-ईबीआईटीडीए अनुपात 1.3 गुना से घटकर 0.9 गुना हो गया है। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए क्रिसिल और आईसीआरए ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एएप्लस (स्टेबल) कर दी है। उत्पादन के मोर्चे पर भी कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया। पहली तिमाही में एल्युमिनियम उत्पादन 632 किलो टन (केटी) रहा, जो अब तक का सर्वाधिक है।
वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन बढ़कर 389 किलो टन और एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन तक पहुंच गया। कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्र कंपनी के रूप में पहली तिमाही का यह प्रदर्शन मजबूत परिचालन क्षमता, प्रभावी रणनीति और भविष्य की तैयारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, परिचालन दक्षता और वैल्यू-एडेड उत्पादों पर विशेष ध्यान कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को और मजबूत करेगा। मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अनुप अग्रवाल ने कहा कि मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर क्रेडिट रेटिंग और रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन के साथ कंपनी अब अपनी दीर्घकालिक विकास योजनाओं को और मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
ईएसजी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां
वेदांता एल्युमिनियम ने पहली तिमाही में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक सहायता पहुंचाई। कौशल विकास कार्यक्रमों से 72 हजार लोगों को लाभ मिला, जबकि विभिन्न सामाजिक योजनाओं के जरिए 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग प्रदान किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कंपनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गया, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का पुन: उपयोग किया और 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग कर संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया।
जैव विविधता संरक्षण के तहत अब तक 29 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा और समावेशिता को बढ़ावा देते हुए कंपनी ने सुरक्षा मानकों में सुधार किया तथा 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी। साथ ही एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक कर कार्यस्थल को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए।