केंदुझर, (निप्र) : राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा गुटखा, तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों के उत्पादन व बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद केंदुझर जिला में काला बाजारी खुलेआम जारी है।
प्रतिबंध के बाद बाजार से गुटखा अचानक गायब हुआ, लेकिन जहां मिल रहा है वहां कीमतें आसमान छू रही हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले 5 रुपये में मिलने वाला गुटखा-जर्दा पैकेट अब 15 रुपये तक बेचा जा रहा है। कई ब्रांडों का गुटखा 5 की जगह 10 रुपये में बिक रहा है और जो जर्दा पहले मुफ्त मिलता था, उसके लिए 5 रुपये वसूले जा रहे हैं। यानी पहले 5 रुपये में मिलने वाला सामान अब 15 रुपये में बेचा जा रहा है। आरोप है कि कुछ व्यापारी बाहर के राज्यों से बड़े ट्रकों में अवैध रूप से गुटखा मंगाकर एजेंसियों के जरिए छिपकर बिक्री कर रहे हैं।
शहर के धंगरपड़ा, बड़हल, बुलादुआर साहि, बनियापाट, डेली मार्केट, माइनिंग रोड, कृषक बाजार और जामुहता जैसे इलाकों में अवैध होलसेल कारोबार अधिक बताया जा रहा है। चाय-पान दुकानों पर भी गुटखा पहले से ज्यादा खुले आम बिकता दिख रहा है। छापेमारी की कमी के चलते डीलरों से लेकर खुदरा दुकानों तक बेखौफ सप्लाई जारी है, जिससे तंबाकू निषेध कानून कागजों तक सीमित नजर आ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गुटखा कैंसर, टीबी और छाती की बीमारियों का बड़ा कारण है। चिंता की बात यह है कि छोटे बच्चे भी चॉकलेट-बिस्कुट की जगह गुटखा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। जनता ने मांग की है कि गुटखा की काला बाज़ारी में शामिल कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई हो। पुलिस, ड्रग्स इंस्पेक्टर और प्रशासन से त्वरित छापेमारी, सख्त निगरानी और दंडात्मक कदम उठाने की अपील की गई है, ताकि प्रतिबंध का वास्तविक असर दिखे और जनस्वास्थ्य सुरक्षित रहे।