भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य में पिछले सात वित्तीय वर्षों के दौरान खाद्य मिलावट, कालाबाजारी और खाद्य पदार्थों की अवैध आपूर्ति से जुड़े मामलों में बहुत कम प्रगति हुई है। यह जानकारी खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने बुधवार को राज्य विधानसभा में दी। झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी के प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कुल 386 मामले दर्ज किए गए। इनमें से अब तक केवल 38 मामलों का ही निपटारा हो सका है, जो कुल मामलों 9.8 प्रतिशत है, जबकि शेष 348 मामले अभी भी विचाराधीन हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन मामलों का निपटारा हुआ है, उनमें सभी में दोषियों को दंडित किया गया है। मंत्री ने आगे बताया कि वर्ष 2020 से फरवरी 2026 के बीच खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के लिए दोषियों से कुल 46.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जो इस दिशा में की गई कार्रवाई को दर्शाता है। कृष्ण चंद्र पात्र ने यह भी जोर देकर कहा कि सरकार खाद्य मिलावट और अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। इसके तहत नियमित निरीक्षण, जागरुकता अभियान और कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।