स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही, भाजपा ने बताया राजनीतिक ड्रामा
भुवनेश्वर, (निप्र) : एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर राज्य विधानसभा में गुरुवार को भी भारी हंगामा जारी रहा। इस हादसे में 12 से अधिक लोगों की मौत के बाद सियासत गरमा गई है और विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन को ठप कर दिया।
बीजद और कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। विपक्ष की आक्रामकता के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई और बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी मंत्री नैतिक जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं। उन्होंने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जब ऐसी ही परिस्थितियां पहले बनी थीं, तब तत्कालीन मंत्री ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया।
भाजपा विधायक इराशीष आचार्य ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है और यह सब राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर चुकी है और चार लोगों को निलंबित किया गया है। साथ ही सरकार मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर चुकी है। सदन में लगातार बढ़ते हंगामे के बीच अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने व्यवस्था बहाल करने की कोशिश करते हुए कार्यवाही को पहले 11:30 बजे, फिर 1 बजे और अंतत: 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
ज्ञात हो कि अग्निकांड के बाद आज तीसरा दिन है जब विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण दिन में कामकाज नहीं चल सका। एससीबी अग्निकांड ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष अपने रुख पर अड़ा हुआ है और सरकार भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही।
सर्वदलीय बैठक विफल
भुवनेश्वर : वहीं, सदन में कामकाज सुचारू रूप से चलाने और पिछले कुछ दिनों से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। हालांकि, यह बैठक बेनजीता रही और इसमें सदन को चलाने को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई।
कांग्रेस और बीजेडी दोनों दलों के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महलिंग के इस्तीफे की मांग की। बैठक में विपक्षी विधायकों ने स्पष्ट रूप से कहा जब तक स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते सदन में कोई काम नहीं होने दिया जाएगा। अध्यक्ष और संसदीय मामलों के मंत्री ने विपक्ष को मनाने का प्रयास किया, कोई नतीजा नहीं निकल सका।