भुवनेश्वर, (निप्र) : बीजू जनता दल (बीजेडी) ने शनिवार को हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अपने छह विधायकों को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई तब की गई जब पाया गया कि इन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की थी, जो पार्टी के सामूहिक निर्णय के खिलाफ था। यह निर्णय कारण बताओ नोटिस के जवाबों की जांच और बीजेडी की अनुशासन समिति द्वारा विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया। निलंबित विधायकों में चक्रमणि कंहर (बालीगुड़ा), नव किशोर मल्लिक (जयदेव), सौभिक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुभासिनी जेना (बस्ता), रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) शामिल हैं।
एक बयान में बीजेडी अध्यक्ष और पार्टी सुप्रीमो नवीन पटनायक ने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार सदस्यों से पूर्ण निष्ठा अपेक्षित है। यह कदम पार्टी में अनुशासन मजबूत करने और उसकी अखंडता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को संपन्न हुआ था। यह निलंबन सभी पार्टी सदस्यों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सामूहिक निर्णयों से किसी भी प्रकार का विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेडी अपने राजनीतिक एजेंडे के साथ आगे बढ़ते हुए संगठन में एकता और अनुशासन बनाए रखना चाहती है।
वहीं बीजेडी की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा कि पार्टी इन विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, हम विधानसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर इन विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे। वहीं, शुक्रवार को इन विधायकों ने अपने कारण बताओं नोटिस के जवाब में कहा था कि राज्यसभा चुनाव के लिए ह्विप जारी नहीं किया जा सकता और पार्टी की ओर से जारी ह्विïप नियमों का उल्लंघन है। इसे लेकर उन्होंने बीजेडी की चीफ ह्विप प्रमिला मल्लिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इससे पहले बीजद ने दो विधायकों पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण सनातन महाकुड़ और अरविंद महापात्र को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब छह और विधायकों के निलंबन के साथ राज्य में बीजद विधायकों की संख्या 51 से घटकर 43 रह गई है।