भुवनेश्वर, (निप्र) : मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि हमारे हरे-भरे वन प्रकृति का अनमोल उपहार हैं और यह हमारे जीवन एवं आजीविका का आधार हैं। मुख्यमंत्री माझी ने शनिवार को विश्व वन दिवस-2026 के अवसर पर लोक सेवा भवन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण और मानव जीवन में वनों के महत्व के प्रति जनजागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस दिवस का आयोजन किया जाता है। यह दिन वन संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए समर्पित है।
उन्होंने बताया कि बेहतर वन प्रबंधन, व्यापक पौधरोपण और जनभागीदारी के माध्यम से ओडिशा आज देश में हरित आवरण बढ़ाने में अग्रणी राज्य बन चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में राज्य में 558 वर्ग किलोमीटर वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है। वर्तमान में राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 37.63 प्रतिशत (58,597 वर्ग किमी) हिस्सा वन एवं वृक्षों से आच्छादित है। प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राज्य में एक ही दिन में 1.49 करोड़ पौधारोपण तथा एक वर्ष में 8 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान और तकनीक के विकास से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना औद्योगिकीकरण संभव है।
यदि पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन बनाया जाए, तो दोनों एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं। इस वर्ष विश्व वन दिवस की थीम ‘वन और अर्थव्यवस्था’ पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वन केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई सफल पहल की हैं। उन्होंने वन संरक्षण से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए जंगल की आग रोकने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सतर्क रहने की अपील की। साथ ही, लोगों द्वारा जंगल में आग लगाने पर उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभाग की ओर से आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया, वन संरक्षण से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन अधिकारियों, वनपालों और वनरक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेशराम सिंह खूंटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री सदैव ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है तथा वन क्षेत्र से जुड़े लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रयास जारी हैं।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि वर्ष 2036 और 2047 को ध्यान में रखते हुए राज्य ने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पर्यटन क्षेत्र में 25 लाख रोजगार सृजन की योजना है, जिसमें वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि वनों को केवल पारिस्थितिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक योगदानकर्ता के रूप में भी विकसित करना होगा और ‘ग्रीन इकोनॉमी’ पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव भास्कर ज्योति शर्मा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख डा के मुरुगेशन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।