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Sunday, Apr 5, 2026
Published on: Saturday, April 04, 2026
राज्य

निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकों की बिक्री अनिवार्य : मंत्री


अभिभावकों से अधिक शुल्क वसूली अस्वीकार्य 
 
भुवनेश्वर, (निप्र) : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कड़ाई से पालन पर जोर देते हुए राज्य के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गंड ने कहा कि निजी स्कूलों को छात्रों के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों की बिक्री और उपयोग सुनिश्चित करना होगा। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार छात्रों को एनसीईआरटी की किताबें पढ़नी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से हटना नीति के उस उद्देश्य को कमजोर करता है, जिसके तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को एक समान बनाया जाना है।
 
निजी स्कूलों द्वारा अपनी स्वयं की महंगी किताबें लागू करने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, निजी प्रकाशनों को लागू कर अभिभावकों से अधिक शुल्क वसूलना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि अभिभावकों की ओर से शिकायत मिलती है तो सक्चत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, शिकायत मिलने पर हम तथ्यों की जांच करेंगे और उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाएंगे।
 
उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की प्रथाओं को नियंत्रित करने के लिए सरकार स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के साथ चर्चा कर दिशा-निर्देश और कार्रवाई की रूपरेखा तय करेगी। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और शोषण को रोकने की आवश्यकता पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि इसके लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था होना अत्यंत आवश्यक है। 
 

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