राजगांगपुर, (निप्र) : भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में से एक डालमिया सीमेंट लिमिटेड (डीसीबीएल) अपने ‘ग्राम परिवर्तन’ कार्यक्रम के तहत राजगांगपुर यूनिट के आसपास के क्षेत्रों में ग्रामीण समुदायों की आजीविका को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल के माध्यम से कंपनी ने कौशल विकास, उद्यमिता, और सरकारी योजनाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कर 5443 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया है।
ग्राम परिवर्तन कार्यक्रम के तहत, 1000 से अधिक परिवारों ने ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती शुरू की है, जबकि 800 परिवारों ने किचन गार्डन विकसित किया है। 500 से ज्यादा परिवार अब मशरूम की खेती से अतिरिक्त आमदनी कमा रहे हैं। इसके अलावा, वर्मी कम्पोस्ट, एजोला उत्पादन और ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन पर भी काम किया जा रहा है।
पशुपालन में 1,111 पोल्ट्री यूनिट्स, 985 बकरी पालन यूनिट्स और 170 पिगरी यूनिट्स स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, 106 एकड़ में मोटे अनाज की खेती और 420 एकड़ में वाडी विकास किया गया है, जहां 31,500 से ज्यादा फलदार पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही, 92 माइक्रो एंटरप्राइजेस भी शुरू किए गए हैं, जो ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं।
यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। डीसीबीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और राजगांगपुर यूनिट हेड चेतन श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम परिवर्तन कार्यक्रम के जरिए हम ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर ऐसे आजीविका मॉडल बना रहे हैं जो लंबे समय तक टिके रहें।
इस पहल का असर यह साबित करता है कि जब योजनाएं स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तैयार होती हैं, तो बड़ा बदलाव संभव है। डालमिया भारत फाउंडेशन के तहत किए जा रहे ये प्रयास राजगांगपुर में ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में कंपनी की लगातार प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।