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Saturday, Apr 18, 2026
Published on: Friday, April 17, 2026
राज्य

मुख्य सचिव ने की जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक


सीएम-संपदा, स्वास्थ्य, शिक्षा और ‘प्रयास’ योजना की प्रगति पर हुई चर्चा
 
भुवनेश्वर, (निप्र) : मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों की बैठक गुरुवार को लोकसेवा भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विकास आयुक्त तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव देव रंजन कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के सचिव उपस्थित रहे, जबकि जिलाधिकारी वर्चुअल के माध्यम से जुड़े।
 
प्रशिक्षणरत 2024 बैच के ओडिशा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में ‘सीएम-संपदा’ के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। जिला खनिज निधि के उपयोग से खनन प्रभावित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित पेयजल, शिक्षा, बुनियादी ढांचा तथा व्यक्तिगत एवं सामूहिक मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए ‘सीएम-संपदा’ निगरानी एवं समीक्षा मंच लागू किया गया है।
 
इसके लिए राज्य स्तर पर प्रभावित गांवों की सूची तैयार की गई है, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। इस संबंध में जिला स्तर पर अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्यों की प्रगति का आकलन किया जा रहा है। राज्य अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा राज्य में चल रही सिंचाई गणना पर प्रस्तुति दी गई। 7वीं लघु सिंचाई गणना, दूसरी जलाशय गणना, पहली बड़े एवं मध्यम सिंचाई परियोजना गणना तथा पहली बार झरना गणना की प्रगति की समीक्षा की गई।
 
झरना गणना कार्यक्रम को 31 मई तक बढ़ाया गया है। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उप-समितियां गठित की गई हैं और उन्हें समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। चिकित्सा दिशानिर्देशों के पालन, स्वास्थ्य ढांचे के विकास तथा जिला, ब्लॉक एवं सेक्टर स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
 
साथ ही ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-गोपबंधु जन आरोग्य योजना’ और ‘आयुष्मान वयो वंदना योजना’ के कार्ड वितरण में तेजी लाने को कहा गया। बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी में ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म की सफलता के बाद सामाजिक क्षेत्र में सुधार के लिए ‘प्रयास’ डिजिटल पहल पर भी चर्चा की गई। यह पहल स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छ व्यवहार की निगरानी में सहायक होगी। विद्यालय एवं जन शिक्षा विभाग द्वारा ‘गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालय योजना’ की प्रगति की समीक्षा की गई।
 
ग्रीष्मावकाश से पहले स्कूल यूनिफॉर्म वितरण पूरा करने तथा स्कूल परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बच्चों में कुपोषण से संबंधित आंकड़ों को ‘पोषण ट्रैकर’ में सही तरीके से अपडेट करने और उसके अनुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। ‘टेक होम राशन’ वितरण की निगरानी के लिए स्वयं सहायता समूह इकाइयों में सीसीटीवी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। ‘सुभद्रा पोर्टल’ पर नए लाभार्थियों का पंजीकरण जारी रखने और लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। 
 

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