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Sunday, Jul 12, 2026
Published on: Friday, July 10, 2026
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सीईए-पावरग्रिड की क्षेत्रीय कार्यशाला में बिजली क्षेत्र के तकनीकी मानकों पर मंथन


 
भुवनेश्वर में पूर्वी भारत के 100 से अधिक विशेषज्ञ हुए शामिल
 
भुवनेश्वर : केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) और पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयुञ्चत तत्वावधान में शुक्रवार को भुवनेश्वर स्थित पावरग्रिड ओडिशा प्रोजेक्ट्स कार्यालय में सीईए विनियमों एवं तकनीकी मानकों पर एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पूर्वी भारत के विद्युत क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच नियामकीय ढांचे और तकनीकी मानकों के प्रति जागरूकता तथा समझ को मजबूत करना था।
 
कार्यशाला में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, ईआरपीसी, ईआरएलडीसी, पावरग्रिड, एनटीपीसी, ओपीटीसीएल, ओपीजीसी, टीपीसीओडीएल, टीपीएसओडीएल, टीपीएनओडीएल सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की विद्युत उपयोगिताओं, स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों तथा अन्य हितधारकों के करीब 100 वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीण गुप्ता, सदस्य (थर्मल) एवं सदस्य (ई एंड सी), सीईए तथा भारत सरकार के पदेन अतिरिञ्चत सचिव थे। उनके साथ ईआरपीसी के सदस्य सचिव केबी जगताप, एसएलडीसी ओडिशा के निदेशक बीबी मेहता, सीईए के मुख्य अभियंता टी वेंकटेश्वरलु एवं एलकेएस राठौड़, पावरग्रिड के कार्यपालक निदेशक आदिश कुमार गुप्ता तथा मुख्य महाप्रबंधक श्रुति मिश्र भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में प्रवीण गुप्ता ने कहा कि सुरक्षित, विश्वसनीय और दक्ष विद्युत प्रणाली के संचालन में सीईए के विनियम और तकनीकी मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने हितधारकों से व्यावहारिक सुझाव साझा करने का आह्वान किया ताकि विद्युत क्षेत्र में निरंतर सुधार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिल सके। वहीं आदिश कुमार गुप्ता ने कहा कि पावरग्रिड सीईए के सभी नियामकीय प्रावधानों और तकनीकी मानकों का पालन करते हुए देश में सुरक्षित और भरोसेमंद विद्युत पारेषण प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
 
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में सीईए विनियम, विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा, विद्युत संयंत्रों एवं पारेषण प्रणालियों के तकनीकी मानक, सुरक्षा नियम, मीटरिंग मानक, ग्रिड कनेक्टिविटी, संचार प्रणाली तथा पारेषण क्षेत्र की सर्वोत्तम नियामकीय प्रथाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रश्नोत्तर और फीडबैक सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने नियामकीय अनुपालन, तकनीकी उत्कृष्टता और विश्वसनीय ग्रिड संचालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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