भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह मामला विधानसभा में उठाया गया, जहां स्वास्थ्य मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने जानकारी दी कि हॉर्लिक्स राज्य के स्वास्थ्य विभाग की मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूची में शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, बौध, ढेंकानाल, जगतसिंहपुर और मयूरभंज जिलों से मिलावटी हॉर्लिक्स जब्त किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि स्थानीय बाजारों में नकली या मिलावटी उत्पाद व्यापक रूप से बेचे जा रहे हैं। हॉर्लिक्स के अलावा बाजार में बिकने वाले कई दैनिक उपयोग के खाद्य पदार्थों में भी मिलावट पाई गई है। इनमें ब्रेड, मसाले, सरसों तेल, सूरजमुखी तेल, दही, बिस्कुट, मैदा, नमकीन, छतुआ, सॉस, सोयाबीन, घी, मक्खन, चीनी, पापड़, चॉकलेट, नूडल्स और यहां तक कि खाने का नमक भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि इनमें से कुछ उत्पाद जहरीले पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि खाद्य मिलावट के सबसे अधिक मामले खोद्र्धा जिले में सामने आए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर जोर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे ब्रांडेड खाद्य पदार्थ और स्वास्थ्य पेय खरीदते समय भी सतर्क रहें, क्योंकि मिलावट अब केवल खुले या बिना ब्रांड वाले उत्पादों तक सीमित नहीं रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट पर रोक लगाने और उपभोञ्चताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान तेज कर दिए हैं। नागरिकों से संदिग्ध उत्पादों की सूचना देने और केवल अधिकृत व विश्वसनीय दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की गई है।