Trending Now
  • शेन वार्न के बेटे ने कहा... कोविड के टीके के कारण हुई इस दिग्गज क्रिकेटर की मौत
  • सरकान ने निचले ग्रेड के लौह अयस्क की कीमत निर्धारण के नियमों में किया संशोधन
  • ईंधन, उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं : आईएमएफ, विश्व बैंक, आईईए
  • ईरान के क्लब ट्रैक्टर की टीम एशियाई चैंपियंस लीग में खेलने के लिए जेद्दा पहुंची
  • प्रफुल्ल की सफलता की कहानी
Wednesday, Apr 15, 2026
Published on: Friday, February 27, 2026
मनोरंजन

एक हुए विजय देवरकोंडा और रश्मिका


 
उदयपुर, (एजेंसी) : उदयपुर में विजय और रश्मिका की शादी एक नहीं बल्कि दो परंपराओं का मिलन है। इस वजह से ये शादी दक्षिण भारत की परंपराओं का पालन करते हुए हुई। दोनों परंपराओं के अनुसार रस्मों को किया गया। एक के अनुसार सुबह शादी हुई जबकि दूसरे के अनुसार दोपहर में शादी हुई।  
 
अरावली की वादियों में साउथ स्टार्स ने सुबह सात फेरे लिए। शाही शादी में नारियल-हल्दी की रस्में भी हुईं। रस्मों रिवाज के चलते विजय की मां ने  दुल्हन रश्मिका को खानदानी चूड़ियां पहनाईं। होटल को गुलाब, आर्किड और ट्यूलिप फूलों से सजाया गया। दक्षिण भारत की शादियों में केले के पत्तों का बहुत महत्व होता है। इस वजह से शादी में खास तौर पर इस बात का ध्यान रखा गया।  मंडप को केले के पत्तों से सजाया गया। दक्षिण भारत का देसी रंग शादी में देखने को मिला।
 
ये सभी जानते हैं कि रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा समुदाय से आती हैं। वहीं विजय देवरकोंडा तेलुगू हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इसी के अनुसार  दुल्हन पक्ष ने विशेष रस्में निभाई हैं। रश्मिका के माता-पिता ने  विजय के परिवार का स्वागत करते हुए उनको केले के पत्ते, पान, श्रीफल आदि भेंट करके आमंत्रित किया। इसके बाद शादी की रस्में शुरू हुईं। वहीं सास ने रश्मिका को अपने खानदान की चूंडियां पहनाकर वधू पक्ष का शादी समारोह में स्वागत किया। 
 
रीति रिवाजों से शादी होने के बाद गुरुवार की शाम को मेहमानों के लिए खास डीजे का इंतजाम किया गया है। इसके लिए  मशहूर डीजे गणेश (गणेश रंगनाथन) को बुलाया गया है। 
 

हाल की खबरें
Copyright © 2026 PRAJABARTA. All rights reserved.