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Monday, Mar 2, 2026
Published on: Sunday, March 01, 2026
विदेश

अमेरिका-इजराइल हमला : ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत


दुबई : ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गई है। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में वापस लेने का सबसे बड़ा मौका मिला है।
 
सरकारी मीडिया ने बताया कि 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र में उनके परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हुई। यूरोपीय एयरोस्पेस कपनी एयरबस द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखाई दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है। सरकारी मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और एक शीर्ष सुरक्षा सलाहकार की भी मौत हो गई है। 
 
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने मेजर जनरल मोहम्मद पकपोर की मौत की घोषणा की, जिन्होंने पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध के दौरान इजराइल द्वारा गार्ड के पूर्व कमांडर की हत्या के बाद इस बल के शीर्ष कमांडर का पद संभाला था। आईआरएनए के अनुसार, अली शमखानी भी हमले में मारे गए। वह लंबे समय से ईरान के सुरक्षा तंत्र में एक प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्ति रहे थे। सरकारी टीवी ने बताया कि खामेनेई के कार्यालय में हुई उनकी मौत यह दिखाती है कि वह लगातार जनता के बीच खड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में आगे रहे।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक खामेनेई मारा जा चुका है।उन्होंने चेतावनी दी कि भारी और सटीक बमबारी जारी रहेगी, जो पूरे सप्ताह तथा उससे आगे तक चल सकती है। अमेरिका ने इस घातक हमले को यह कहते हुए उचित ठहराया कि यह ईरान की परमाणु क्षमताओं को निष्क्रिय करने के लिए आवश्यक है। हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू करने वाले ईरान ने बदला लेने की चेतावनी दी है। ईरान के मंत्रिमंडल ने कहा कि इस घोर अपराध का जवाब जरूर दिया जाएगा। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ईरानी राजनयिक ने कहा कि हमलों में सैकड़ों नागरिक मारे गए और कई घायल हुए। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे और रात तक हमले जारी रहे।

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