पिछले साल भारत ने इस टूर्नामेंट में पांच स्वर्ण समेत जीते थे आठ पदक
दक्षिण कोरिया की गैर मौजूदगी में भारत का पलड़ा फिर भारी
बैंकॉक, (एजेंसी) : भारत तीरंदाजी के नए अंतरराष्ट्रीय सत्र का आगाज यहां मंगलवार से शुरू हो रहे एशिया कप के पहले चरण से करेगा जिसके लिए टीम में नामी गिरामी सितारों की बजाय प्रतिभावान युवाओं को जगह दी गई है। भारतीय टीम में दीपिका कुमारी, अंकिता भकत, धीरज बोम्मादेवरा, तरूणदीप राय, ज्योति सुरेखा वेन्नम और अभिषेक वर्मा नहीं हैं। भारतीय टीम प्रबंधन जापान में सितंबर अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों तक चलने वाले इस व्यस्त सत्र के पहले टूर्नामेंट में अपने युवा खिलाडिय़ों को आजमाना चाहता है। शीर्ष तीरंदाज मैक्सिको और शंघाई में अप्रैल से होने वाले विश्व कप के पहले दो चरण के लिए वापसी करेंगे। पिछले साल भारत ने इस टूर्नामेंट में पांच स्वर्ण समेत आठ पदक जीते थे।
दक्षिण कोरिया जैसे दिग्गज की गैर मौजूदगी में भारत का पलड़ा फिर भारी लग रहा है। उसे चीन और बांग्लादेश से चुनौती मिल सकती है। रिकर्व पुरूष वर्ग में आस्ट्रेलिया के रियान टियाक प्रबल दावेदार हैं जो विश्व रैंकिंग में 27वें स्थान पर हैं। महिला वर्ग में रूस में जन्मी तटस्थ खिलाड़ी नूरिनिस्सो माखमुदोवा (45वीं रैंकिंग) सर्वाेच्च रैंकिंग वाली तीरंदाज हैं। भारतीय पुरूष कंपाउंड टीम में दुनिया के चौथे नंबर के तीरंदाज ऋषभ यादव, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता प्रथमेश जावकर और रजत चौहान हैं। पिछले साल कुशल दलाल ने व्यक्तिगत स्वर्ण जीता था जबकि मानव जाधव और गणेश तिरिमुरू के साथ टीम स्वर्ण अपने नाम किया था।
महिला वर्ग में ज्योति की गैर मौजूदगी में नजरें 20 वर्ष की चिकिथा तानीपर्थी पर होंगी जो विश्व रैंकिंग में 37वें स्थान पर हैं।