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Monday, Mar 23, 2026
Published on: Monday, March 23, 2026
राज्य

एससीबी अग्निकांड : विधानसभा में नहीं थम रहा हंगामा


 विपक्ष के हंगामे के बीच कई बार कार्यवाही स्थगित

भुवनेश्वर, (निप्र) : एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर विपक्षी दलों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही सोमवार दोपहर 4 बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन में हो रहे हंगामे के कारण कार्यवाही को कई बार स्थगित किया। बीजद और कांग्रेस के विधायक हाथों में प्लेकार्ड लेकर सदन के मध्य में पहुंच गए और जोरदार हंगामा किया। सदस्यों ने राम नाम सत्य है, हरि नाम सत्य है जैसे नारे लगाते हुए कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की।
 
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने प्रश्नकाल को कुछ समय तक चलाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगडऩे पर सदन को पहले 1130 बजे तक स्थगित करना पड़ा। 11:30 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी विपक्ष ने उसी तरह हंगामा जारी रखा। स्थिति को सामान्य करने के लिए अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और सदन को 12:30 बजे तक स्थगित कर दिया। करीब एक घंटे तक चली बैठक के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। अंत में अध्यक्ष ने 4 बजे तक कार्यवाही को स्थगित कर दी।
 
ज्ञात हो कि एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई अग्निकांड की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष अड़ा हुआ है। विपक्ष 17 मार्च से लगातार विरोध कर रहा है, जिससे कार्यवाही ठप पड़ी है। विपक्ष की मांग है कि स्वास्थ्य मंत्री इस घटना की जिम्मेदारी स्वयं लें और नैतिक आधार पर इस्तीफा दें। उनका कहना है कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित कर इतनी संवेदनशील घटना को दबाया नहीं जा सकता। इधर विपक्ष अपनी मांग पर अडिग है, तो वहीं सरकार भी झुकने को तैयार नहीं दिख रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष के इस टकराव के बीच प्रश्नकाल, शून्यकाल, स्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच, मामले पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, जो बेनतीजा रही।
 
तीन वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी : मुख्यमंत्री
 
ओडिशा में पिछले तीन वर्षों के दौरान साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में दी। मुख्यमंत्री का यह उत्तर विधायक अमर कुमार नायक के प्रश्न के जवाब में आया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राज्य में साइबर अपराध के 2,348 मामले दर्ज किए गए थे।
 
यह संख्या 2024 में बढक़र 2,501 हो गई, जो साइबर अपराध गतिविधियों में वृद्धि को दर्शाती है। यह रुझान 2025 में भी जारी रहा, जब कुल 2,803 मामले दर्ज किए गए। इससे राज्य में साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता स्पष्ट होती है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 34 साइबर क्राइम थाने स्थापित किए हैं और जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं, ताकि लोगों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके। 
 
706 थाने में 3,176 पद खाली : मुख्यमंत्री
 
राज्य में कुल 706 थाने हैं, जहां 14,528 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 3,176 पद अभी भी रिक्त पड़े हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में दी। उन्होंने बताया कि इन रिक्तपदों को भरने के लिए सरकार भर्ती, पदोन्नति और तबादले की प्रक्रिया के जरिए कदम उठा रही है। यह जवाब उन्होंने विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति के सवाल पर दिया। मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि राज्य के सभी 706 थानों में विभिन्न श्रेणियों के कुल 14,528 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 3,176 पद फिलहाल खाली हैं।
 

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