भुवनेश्वर, (निप्र) : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के मानवाधिकार वकालत (मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता) विषयक स्पेशल मॉनीटर प्रो कन्हैया त्रिपाठी ने शनिवार को भाकृअनुप केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान (सीवा) का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य कृषि विकास में महिला सशक्तिकरण तथा मानवाधिकार दृष्टिकोण के समावेश के प्रति संस्थान के योगदान की समीक्षा करना था।
संस्थान की निदेशक डा मृदुला देवी ने प्रो कन्हैया त्रिपाठी तथा उनके सहयोगी अधिकारियों का हार्दिक स्वागत किया और लैंगिक संवेदी अनुसंधान को प्रोत्साहन एवं कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संस्थान की प्रमुख पहलों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। यह एनएचआरसी के स्पेशल मॉनीटर का संस्थान में प्रथम ऐतिहासिक दौरा था, जो अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 में संयोग से संपन्न हुआ। प्रो त्रिपाठी का यह आगमन कृषि अनुसंधान एवं विकास में औपचारिक मानवाधिकार ढांचे के समावेश की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक है।
इस अवसर पर प्रो कन्हैया त्रिपाठी ने सीवा के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों से संवाद किया तथा कृषि में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करने हेतु संस्थान की अग्रणी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आजीविका अवसरों के विस्तार तथा कृषि अनुसंधान एवं प्रसार प्रणालियों में लैंगिक समावेश के प्रमुख मील के पत्थरों की प्रशंसा की। सहभागी ज्ञान-सृजन को प्रोत्साहित करते हुए प्रो त्रिपाठी ने कृषि में महिलाओं के सशक्तिकरण पर मानवाधिकार आयामों को समाहित संयुक्त अनुसंधान पहलों एवं उच्च प्रभाव वाले शोध पत्रों के प्रकाशन की सिफारिश की। कार्यक्रम का समापन मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोणों को सुदृढ़ करने के पारस्परिक संकल्प के साथ हुआ।