1,581 करोड़ रुपये की बड़बिल बाइपास परियोजना की रखी आधारशिला
भुवनेश्वर, (निप्र) : मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को केंदुझर जिले में लंबे समय से प्रतीक्षित बड़बिल बाइपास-कम-रिंग रोड परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना खनन क्षेत्र के निवासियों से किए गए एक महत्वपूर्ण वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। करीब 18.326 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित बाइपास सडक़ का निर्माण 1,581.21 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
इससे बड़बिल और आसपास के क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या में काफी राहत मिलने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से खनन गतिविधियों के कारण भारी वाहनों के दबाव से उत्पन्न समस्याओं का समाधान करेगी। बड़बिल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री माझी ने 29.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 24 परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया, जबकि 326.43 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 51 परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
उन्होंने बताया कि यह बाइपास परियोजना प्रतिदिन लगभग 40,000 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) यातायात को संभालने में सक्षम होगी, जबकि वर्तमान में यहां करीब 15,375 पीसीयू का दबाव है। परियोजना के तहत तीन प्रमुख खंड शामिल हैं-भद्रासाही से सेरेंडा तक 3.7 किमी, सेरेंडा से बलाणी तक 6.3 किमी और सेरेंडा से नालदा तक 8.3 किमी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिंग रोड न केवल शहर में यातायात दबाव कम करेगी, बल्कि शहरी विस्तार को बढ़ावा देगी, आर्थिक गतिविधियों को गति देगी और परिवहन लागत को कम करते हुए क्षेत्रीय विकास में योगदान देगी।
उन्होंने जोड़ा, बासुदेवपुर और बड़बिल क्षेत्रों के लिए 298 करोड़ रुपये की लागत से एक पावर सब-स्टेशन स्थापित किया जाएगा। साथ ही अधिकारियों को प्रस्तावित 8-लेन बड़बिल-पारादीप सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी गई, जिनमें 95 करोड़ रुपये की बामेबारी-पलासा-गुरुड़ा-कोइड़ा सडक़ (10 किमी), 30 करोड़ रुपये की सुआकाटी-डुबुना-कालिमाटी सड़क (लगभग 7.5 किमी) तथा पलाशपंगा-बामेबारी किडको सड़क (लगभग 5.5 किमी) के उन्नयन कार्य शामिल हैं।
बड़बिल उत्सव पड़िया में खेल सुविधाओं और 9.27 करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड आधुनिकीकरण परियोजना सहित कई आधारभूत ढांचा उन्नयन कार्यों का भी उद्घाटन किया गया। इसके अलावा आईटीआई स्टाफ ञ्चवार्टर के पास खेल मैदान और पार्क का विकास, नया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और टाउन हॉल निर्माण जैसी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं भी शुरू की गईं। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि आधारभूत संरचना विकास की रीढ़ है और राज्य सरकार ‘समृद्ध ओडिशा’ के निर्माण के लिए सड़क, पुल, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने केंदुझर जिले के लिए विशेष योजनाओं का उल्लेख करते हुए डेटा सेंटर, सान घागरा में क्षेत्रीय प्लांट रिसोर्स सेंटर, परिधान इकाई और पर्यटन अवसंरचना विकास जैसे प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने केंदुझर के लिए 1,647 करोड़ रुपये की ग्रिड सब-स्टेशन परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिसे तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा और इससे घरों तथा उद्योगों को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
वृहद अवसंरचना योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 287 किमी लंबा ब्रह्मपुर-जयपुर एक्सप्रेसवे, पारादीप-अंबाभना ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और मोटू से तिरिंग तक 969 किमी लंबा अटल एक्सप्रेसवे ओडिशा की आर्थिक तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में बढ़े केंद्रीय निवेश का भी उल्लेख किया, जिसमें आर्थिक कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्ग और रेलवे विस्तार शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर प्रधानमंत्री के संबोधन को भी सुना और कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से शासन में उनकी भागीदारी और सशक्त होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मधुबाबू पेंशन योजना के लाभार्थियों को सहायता वितरित की और पात्र लोगों को भूमि पट्टे भी प्रदान किए। कार्यक्रम में चंपुआ विधायक सनातन महाकुड़, पाटणा विधायक अखिला चंद्र नायक, योजना बोर्ड के अध्यक्ष डॉ फकीर नायक, विशेष विकास परिषद की अध्यक्ष ममता सिंह तथा केंदुझर के कलेक्टर विशाल सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।