कटक, (निप्र) : मधुसेतु संपर्क मार्ग को खोलने तथा लालबाग थाने के प्रस्तावित स्थानांतरण को रद्द करने की मांग को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के पास नागरिकों ने विरोध सभा आयोजित की। इस दौरान वञ्चताओं ने प्रशासन पर जनहित की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सभा में चित्तरंजन मोहंती, सत्य राय, खगेश्वर सेठी, सुकांत नायक, क्षीरोद महापात्र, डॉली दास, विश्वजीत घोष, काशीनाथ स्वाईं, प्रसन्न कुमार महापात्र, अरविंद मल्लिक सहित कई नागरिक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि कटक महानगर क्षेत्र में प्रशासन की जानकारी में कई अवैध और गैर-घोषित गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जो जनहित के खिलाफ हैं, लेकिन किसी भी विभाग द्वारा इसकी जिम्मेदारी नहीं ली जा रही है। उदाहरण के तौर पर, मधुसेतु, नेताजी सेतु और नराज सेतु को जोड़ने वाले मुख्य चौड़े संपर्क मार्ग को कथित रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह सड़क विशेष रूप से संपर्क मार्ग के रूप में निर्मित की गई थी और पहले सभी यात्री बसें इसी मार्ग से आवागमन करती थीं। मार्ग बंद होने से न केवल कटक, बल्कि पूरे राज्य के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सभा में लालबाग थाने के स्थानांतरण के मुद्दे को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
वक्ताओं के अनुसार, लालबाग थाना केवल एक ऐतिहासिक स्थल ही नहीं है, बल्कि यह हाईकोर्ट, शिशु भवन, तहसील कार्यालय, प्रधान डाकघर, रॉवेंशा कॉलेजिएट स्कूल, जिला कलेक्टर कार्यालय, परिवहन कार्यालय, राजस्व भवन और सातमंजिला भवन में स्थित कई महत्वपूर्ण कार्यालयों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। ऐसे में इसे किसी अनिश्चित और अव्यवहारिक स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय जन असंतोष को बढ़ा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ये दोनों निर्णय प्रभावशाली लोगों के दबाव और स्वार्थ के तहत बिना उचित विचार-विमर्श के लिए गए हैं। उन्होंने मधुसेतु-काठजोड़ी क्षेत्र के संपर्क मार्ग से अवरोध हटाने और लालबाग थाने को उसके मूल स्थान पर पुन: स्थापित करने की मांग की। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे जनविरोधी कदमों के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी। इस संबंध में राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कटक जिला कलेक्टर को सौंपा गया।