भुवनेश्वर, (निप्र) : ‘महाविषुव संक्रांति’ और ओडिय़ा नववर्ष के पावन अवसर पर ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने मंगलवार को भुवनेश्वर स्थित आईसीडब्ल्यूएस परिसर में ‘आरोहण’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री ने बच्चों के माथे पर तिलक लगाकर नए आरंभ का संदेश दिया और ‘आरोहण किट’, आशीर्वाद तथा प्रोत्साहन के साथ नन्हे बच्चों को उनके जीवन के अगले चरण की ओर अग्रसर किया।
इस पहल की भावना को दर्शाते हुए कार्यक्रम का टैगलाइन ‘उज्ज्वल भविष्यत पाईं पादे आगकु’ (उज्ज्वल भविष्य के लिए एक कदम आगे) रखा गया है, जो हर बच्चे के बेहतर भविष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास को रेखांकित करता है। यह महत्वाकांक्षी पहल महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की नींव को मजबूत करना तथा आंगनबाड़ी केंद्रों से प्री-प्राइमरी शिक्षा पूरी करने के बाद बच्चों का ‘शिशु वाटिका-3’ में सुगम प्रवेश सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे के जीवन के पहले छह वर्ष मस्तिष्क विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने ‘पोषण पखवाड़ा-2026’ के अवसर पर यह भी बताया कि सरकार प्रारंभिक बाल विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त-सह-सचिव मृणालिनी दर्शवाल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों को और सशञ्चत बनाया जा सकेगा तथा बच्चों के समग्र विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जमीनी स्तर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बच्चों के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सक्रिय भागीदारी निभाई।