इस प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी सम्मानित
कटक, (निप्र) : ओडिशा अब पूर्ण रूप से माओवाद मुक्त राज्य बन चुका है। यह राज्य पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह बात राज्य के पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने कही। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुलिस ने अपराधियों की पहचान कर, उचित साक्ष्य और प्रमाण प्रस्तुत करते हुए उन्हें सजा दिलाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
राज्य में आपराधिक मामलों की जांच, चार्जशीट दाखिल करने, त्वरित सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने की दर में वृद्धि हुई है। इसी उपलब्धि को लेकर शुक्रवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में 10 जिलों के 27 मामलों में सजा दिलाने की प्रक्रिया में शामिल एसपी, जांच अधिकारी, पर्यवेक्षण अधिकारी और लोक अभियोजकों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें आर्थिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर डीजीपी ने बताया कि पूरे राज्य में एक वर्ष के भीतर 360 मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग और आवश्यक तकनीकी सहायता के कारण यह सफलता संभव हो पाई है। इस कार्यक्रम में क्राइम ब्रांच के डीजी विनय तोष मिश्र, सार्थक षड़ंगी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।