महिला सशक्तिकरण व नेतृत्व पर दिया जोर
अनगुल, (निप्र) : ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि नारी केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की मूल शक्ति है। अनगुल में आयोजित ‘नारीशक्ति वंदन’ कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि नारीशक्ति का विशाल समागम भविष्य के ओडिशा के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से पंचायत से लेकर संसद तक नेतृत्व की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का सभी को समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है और महिला सशक्तिकरण ही समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन विधेयक का विरोध, नारी शक्ति का अपमान है और महिला सशक्तिकरण के खिलाफ है, जिसे समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता: हमारे समाज के मूल्यों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता ‘महिला नेतृत्व में विकास’ आज देश की महिलाओं को नई दिशा दे रही है और महिलाएं शिक्षा, सुरक्षा, विज्ञान, खेल और प्रशासन समेत हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने द्रौपदी मुर्मू को नारी शक्ति का प्रेरणादायक प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सुभद्रा’ योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी जा रही है, जबकि ‘लखपति दीदी’ जैसे कार्यक्रम आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है। इस दौरान उन्होंने बनरपाल ब्लॉक की लाभार्थी तिलोत्तमा सामंत से संवाद कर योजना के लाभों की जानकारी भी ली।
उन्होंने बताया कि अनगुल जिले में 90 हजार से अधिक ‘लखपति दीदी’ हैं, जबकि पूरे राज्य में इनकी संख्या 17 लाख से अधिक है। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत 388 कन्याओं के विवाह के लिए 1.71 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है और आगामी वर्ष के लिए 11.83 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चालू बजट में महिलाओं के लिए 1.22 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और जेंडर बजटिंग में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को और मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर अनगुल विधायक प्रताप चंद्र प्रधान, पाललहड़ा विधायक अशोक मोहंती, छेंडिपदा विधायक अगस्ती बेहरा, जिला परिषद सदस्य मीरा गडऩायक, एनएसी उपाध्यक्ष अनुपमा साहू और जिलाधिकारी अब्दाल मोहम्मद अख्तर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।