भुवनेश्वर, (निप्र) : भारत के साहसी और प्रगतिशील शासकों में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित 'राष्ट्रीय गौरव यात्रा' में बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक और कुशल सेना नायक तथा प्रशासक के रूप में विख्यात थे। उन्होंने 1674 में छत्रपति की उपाधि प्राप्त की और मुगल साम्राज्य के खिलाफ अनेक युद्धों में विजय प्राप्त की। उनके साहस और प्रशासनिक कौशल ने उन्हें भारतीय इतिहास में अमर स्थान दिलाया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का साहस, प्रशासनिक कुशलता और नैतिक नेतृत्व आज भी युवाओं के लिए आदर्श हैं।
इस भव्य यात्रा से समाज के सभी वर्गों में आत्मविश्वास, साहस और प्रेरणा का संचार होगा। महाराष्ट्र के नासिक से प्रारंभ होकर पुरी पहुंची राष्ट्रीय गौरव यात्रा का स्वागत राज्य कार्यलय में बड़े सक्वमान के साथ किया गया। मुक्चयमंत्री मोहन चरण माझी और प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि ज्ञापित की।
सामल ने इस अवसर पर कहा कि यह यात्रा प्रेरणा का उत्सव है। यह न केवल पूरे देश को जोड़ती है, बल्कि एकता, अखंडता और सार्वभौमिकता की स्मृति भी कराती है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सामान्य सैनिकों को असाधारण सम्मान दिया और उनके संघर्ष ने हमेशा लोगों के हृदय में प्रेरणा का संचार किया। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिन्होंने भी छत्रपति शिवाजी महाराज को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की।