भुवनेश्वर/कटक, (निप्र) : काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (सीएचएसई) द्वारा आयोजित वार्षिक प्लस टू परीक्षाएं आज से ओडिशा भर में शुरू हो गई हैं। राज्य के 1,357 परीक्षा केंद्रों पर 4,01,623 से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस वर्ष परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही हैं। प्रश्नपत्र हब की निगरानी एआई कैमरों और सीसीटीवी सिस्टम के माध्यम से की जा रही है।
पहले दिन विज्ञान संकाय के छात्र ओडिय़ा भाषा की परीक्षा देंगे। 20 फरवरी को कला और वाणिज्य संकाय के छात्रों की ओडिय़ा भाषा परीक्षा होगी। 21 फरवरी को व्यावसायिक संकाय के छात्रों की बीएफसी-पॉलिटिकल साइंस और केमिस्ट्री की परीक्षा होगी, जबकि विज्ञान संकाय के छात्र जूलॉजी की परीक्षा देंगे। 24 फरवरी को विज्ञान संकाय के छात्रों की अंग्रेजी परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षाएं 25 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। सीएचएसई ने सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। सीएचएसई के परीक्षा नियंत्रक प्रशांत कुमार परिडा ने कहा कि जहां कहीं भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। नकल रोकने के लिए राज्य भर में 120 केंद्रीय स्ञ्चवॉड तैनात किए गए हैं, जो अपने-अपने जिलों में पहुंच चुके हैं। इसके अलावा, परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए 75 जोनल स्ञ्चवॉड भी लगाए गए हैं। राज्य में 1,357 परीक्षा केंद्रों के साथ 7 उपकेंद्र भी बनाए गए हैं। इसी तरह कटक जिले में 70,000 से अधिक छात्र-छात्राएं कला, वाणिज्य, विज्ञान और व्यवसायिक विषयों की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इसके लिए कटक में 42 परीक्षा केंद्र खोले गए हैं।
धैर्य और आत्मविश्वास के साथ दें परीक्षा, तनाव से बचें : मुख्यमंत्री
राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2025-26 शैक्षणिक वर्ष की सीएचएसई द्वारा आयोजित प्लस टू परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने छात्रों को परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि उत्सव की तरह लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को धैर्य और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का सामना करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबे समय की मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं छात्रों की मेहनत और ज्ञान की अभिव्यञ्चित होती हैं, इसलिए डर या दबाव महसूस करने की जरूरत नहीं है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ दी गई परीक्षा बेहतर प्रदर्शन में मदद करती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे प्रश्नपत्रों का सामना पूरे आत्मविश्वास के साथ करें, क्योंकि उनकी मेहनत और लगन निश्चित रूप से सफलता दिलाएगी।