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Friday, Feb 20, 2026
Published on: Thursday, February 19, 2026
राज्य

ओडिशा का जीएसडीपी 9.9 लाख करोड़ रुपये, 2025-26 में 7.9% की वृद्धि : आर्थिक सर्वेक्षण


भुवनेश्वर : ओडिशा की अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2025-26 में चालू कीमतों पर 9.9 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो 2024-25 के 9 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 9.5 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी “योजना और अभिसरण विभाग द्वारा जारी ओडिशा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में दी गई है, जिसे वार्षिक बजट पेश होने से एक दिन पहले जारी किया गया।
 
सर्वेक्षण के अनुसार 2025-26 में राज्य की वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही, जो 2024-25 के 7.2 प्रतिशत तथा राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से अधिक है। सभी क्षेत्रों के सकारात्मक प्रदर्शन और बढ़ते निजी व सार्वजनिक निवेश ने इस वृद्धि को मजबूती दी है। प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में 9.2 प्रतिशत बढ़कर 1,86,761 रुपये (अग्रिम अनुमान) हो गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 6.9 प्रतिशत रही। श्रम बाजार में भी सुधार देखा गया। 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में श्रम बल भागीदारी दर 2022 के 58.1 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 64.5 प्रतिशत हो गई, जो राष्ट्रीय औसत 59.6 प्रतिशत से अधिक है। महिला श्रम बल भागीदारी दर 37.6 प्रतिशत से बढ़कर 48.7 प्रतिशत हो गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 40.3 प्रतिशत है।
 
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, जिनका राज्य की अर्थव्यवस्था में 19.6 प्रतिशत योगदान है (राष्ट्रीय 16.8 प्रतिशत), में 2025-26 में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय 3.1 प्रतिशत से काफी अधिक है। वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 150.5 लाख मीट्रिक टन रहा, जिसमें धान का उत्पादन 118.6 लाख मीट्रिक टन रहा। लगभग 20 लाख किसानों से 92.6 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपीMSP) के तहत 21,300 करोड़ रुपये तथा इनपुट सब्सिडी के रूप में 7,140 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। राज्य के कुल धान उत्पादन का लगभग 78 प्रतिशत सरकारी खरीद के माध्यम से लिया गया, जो 2023-24 के 61 प्रतिशत से अधिक है। रागी की खरीद 2024-25 में 8.8 लाख क्विंटल रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से अधिक है। सरकार रागी 4,290 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर खरीदती है, साथ ही 210 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन भी देती है।
 
सिंचाई क्षमता बढ़कर 74.2 लाख हेक्टेयर हो गई, जिससे 2024-25 में फसल तीव्रता 165 प्रतिशत तक पहुंची। संबद्ध क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई—दूध उत्पादन 3 प्रतिशत बढ़कर 27.1 लाख मीट्रिक टन, अंडा उत्पादन 2020-21 से 14 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़कर 2024-25 में 406 करोड़ अंडे, तथा मत्स्य उत्पादन 6.1 प्रतिशत बढ़कर 11.92 लाख मीट्रिक टन रहा। समुद्री झींगा निर्यात 2019-20 से 7.7 प्रतिशत CAGR के साथ बढ़कर 4,708.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उद्योग क्षेत्र का जीएसवीए में 41.3 प्रतिशत (3.6 लाख करोड़ रुपये) योगदान रहा और स्थिर कीमतों पर 6.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। विनिर्माण क्षेत्र ने 8.3 प्रतिशत वृद्धि के साथ राष्ट्रीय 7 प्रतिशत से बेहतर प्रदर्शन किया। वर्ष 2025 में 5.66 लाख करोड़ रुपये के 244 नए प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए, जिनसे 3.35 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है। 80 क्रियान्वित परियोजनाओं में 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ और 1.4 लाख रोजगार सृजित हुए। बीआरएपी (BRAP) 2024 के तहत 98 प्रतिशत सुधार लागू किए गए तथा ओडिशा जन विश्वास विधेयक 2025 के माध्यम से छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण किया गया।
 
सेवा क्षेत्र का जीएसवीए में 39.1 प्रतिशत योगदान है और 2025-26 में इसके 9.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वित्तीय सेवाओं में 11.9 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जिसे फिनटेक और बैंकिंग विस्तार से बल मिला है। एआई नीति 2025, जीसीसी नीति 2025 तथा सेमीकंडक्टर एवं फैबलेस नीति 2025 जैसे कदम डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ कर रहे हैं।
राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। 2025-26 में पूंजीगत व्यय जीएसडीपी का 6.6 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है। ऋण-जीएसडीपी अनुपात 13.6 प्रतिशत है, जो एफआरबीएम (FRBM) की 25 प्रतिशत सीमा से काफी कम और प्रमुख राज्यों में सबसे न्यूनतम है। ब्याज भुगतान का राजस्व प्राप्ति से अनुपात 2.8 प्रतिशत है, जो 15 प्रतिशत की सीमा से नीचे है।
 
बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पारादीप पोर्ट (Paradip Port) राष्ट्रीय कार्गो में लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। रेलवे नेटवर्क 3,243 किमी तक विस्तृत है और 2024-25 में 200 किमी नई लाइन जोड़ी गई। राज्य के पांच हवाई अड्डों से 30 शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं और 2021-22 से यात्री यातायात में 31 प्रतिशत सीएजीआर (CAGR) दर्ज किया गया है।
सर्वेक्षण में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण (16.42 लाख ‘लखपति दीदी’), जनसांख्यिकीय लाभांश (69 प्रतिशत कार्यशील आयु जनसंख्या), अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक सशक्तिकरण तथा खेल विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे राज्य को ‘स्पोर्ट्स कैपिटल ऑफ इंडिया’ के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।
राज्य ने 2025 में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर और आईटीटीएफ-एटीटीयू एशियन चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के साथ-साथ ऑल इंडिया पुलिस हॉकी चैंपियनशिप और सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप जैसे राष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी की। 2025-26 में खेल एवं युवा सेवाओं के लिए 1,319 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे सभी ब्लॉकों में क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और इंडोर खेलों के लिए व्यापक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छह जिलों को क्षेत्रीय खेल हब घोषित कर 600 करोड़ रुपये से विश्वस्तरीय ढांचा विकसित किया जा रहा है। राउरकेला (Rourkela) में एथलेटिक्स और तीरंदाजी के लिए उच्च प्रदर्शन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। ओडिशा खेल नीति (Odisha Sports Policy) 2024 तथा मुख्यमंत्री ट्रॉफी 2.0 जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से एक लाख से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ा जा रहा है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को वित्तीय पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
 

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