भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार का दिन बेहद अहम होने वाला है। राज्य के मुक्चयमंत्री मोहन चरण माझी 20 फरवरी को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार 3 लाख करोड़ रुपये की ऐतिहासिक सीमा को पार कर लगभग 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। राज्यपाल के हालिया अभिभाषण में राज्य के विकास का एक 'गुलाबी चित्रÓ प्रस्तुत किया गया था। सरकार ने राज्य की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर को 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.5 प्रतिशत तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही महिला श्रम शञ्चित भागीदारी को 70 प्रतिशत तक पहुंचाने, बहुआयामी गरीबी को कम करने और वर्ष 2047 तक प्रति व्यञ्चित आय को 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 32 लाख रुपये करने का विजन सामने रखा गया है। इन बड़े लक्ष्यों की झलक इस बजट में देखने को मिल सकती है।
रोजगार और उद्योग पर फोकस
सरकार का मुक्चय जोर रोजगार सृजन पर रहेगा। इसके लिए बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्राथमिकता देने की तैयारी है। पिछले वर्ष उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,567 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसमें 30 करोड़ रुपये ऋण सब्सिडी, 35 करोड़ रुपये लघु एवं मध्यम उद्योग पार्क, 60 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता और 25 करोड़ रुपये स्टार्टअप सेक्टर के लिए दिए गए थे। हालांकि सवाल यह भी है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए आवंटित 45 करोड़ रुपये और फूड पार्क के लिए 50 करोड़ रुपये में से वास्तविक खर्च कितना हुआ और इसका आम लोगों को कितना लाभ मिला, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इस बार सरकार बैंक ऋण को आसान बनाने के लिए अलग नीति ला सकती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हों।
निवेश और विकास में अग्रणी
राज्य वर्तमान समय में देश में निवेश आकर्षित करने के मामले में दूसरे स्थान पर और आर्थिक वृद्धि दर में अग्रणी बताया जा रहा है। यह उपलब्धि सरकार के लिए गर्व का विषय है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, परंतु समय पर पूरा न होने से लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इस बार के बजट में पेयजल परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता मिलने की उक्वमीद है।
पिछले बजट का आंकड़ा और इस बार की उम्मीद
वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने 2 लाख 66 हजार 800 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। बाद में 17 हजार 440 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी जोड़ा गया। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 2026-27 के लिए प्रस्तावित लगभग 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट किन क्षेत्रों को सबसे अधिक प्राथमिकता देता है।
बजट से जनता की उम्मीदें
रोजगार, महिला सशञ्चितकरण, ग्रामीण विकास, उद्योग विस्तार और बुनियादी सुविधाओं में सुधार इन सभी मोर्चों पर जनता को ठोस घोषणाओं और स्पष्ट कार्ययोजना की उक्वमीद है। आज विधानसभा में पेश होने वाला यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ओडिशा के भविष्य की दिशा तय करने वाला खाका साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि सरकार अपने वादों और लक्ष्यों को बजटीय प्रावधानों में किस तरह रूपांतरित करती है।