बरगढ़, (निप्र) : रविवार को बरगढ़ जिला के वार्ड नंबर 14, 15 और 11 के नहर किनारे बसे परिवारों में दहशत का माहौल था। करीब 30-40 वर्षों से मिट्टी के घरों में रह रहे लोगों के घरों पर नगर परिषद और जिला प्रशासन द्वारा लाल निशान लगाकर तोडफ़ोड़ का आदेश दिया गया था।
28 फरवरी को कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद गरीब और दिहाड़ी मजदूरी व ठेला लगाकर गुजर-बसर करने वाले परिवार अपने छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हो उठे। इस संकट के बीच गंगाधर नगर निवासी विक्की सिंह के नेतृत्व में प्रभावित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल बरगढ़ के विधायक अश्वनी षड़ंगी से मिला और अपनी समस्या रखी। लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद विधायक ने आश्वासन दिया कि पहले सभी को बसाने के लिए उपयुक्त जगह दी जाएगी और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर भी बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा। विधायक के भरोसे के बाद पड़ा के लोग राहत महसूस करते हुए उन्हें धन्यवाद देकर अपने-अपने घर लौट गए। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से भी जल्द पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है, ताकि भविष्य की अनिश्चितता खत्म हो सके।