भुवनेश्वर, (निप्र) : साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ओडिशा पुलिस ने ऑपरेशन साइबर कवच के तहत म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। यह अभियान 13 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच चलाया गया, जिसकी जानकारी डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने मंगलवार को पुलिस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। इस अभियान के दौरान 39,714 म्यूल बैंक खातों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने 1,315 सक्रिय म्यूल अकाउंट, 36 एटीएम नकद निकासी, 47 चेक निकासी और 24 फर्जी सिम/पीओएस उपकरणों की पहचान की। कुल 379 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 349 म्यूल खातों से जुड़े, 9 फर्जी सिम मामले में, 3 एटीएम निकासी और 18 चेक धोखाधड़ी में शामिल हैं।
इसके अलावा, 7,549 संदिग्ध खाताधारकों और सहयोगियों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई झारसुगुड़ा, संबलपुर, राउरकेला, केंदुझर, सुंदरगढ़, गंजाम, नुआपाड़ा, भुवनेश्वर, कटक, बालेश्वर, भद्रक, पुरी, जाजपुर और ढेंकानाल सहित कई जिलों में की गई। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोहों को भी पकड़ा और बड़ी संख्या में सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। 11 फरवरी को राज्य पुलिस मुख्यालय में डीजीपी खुरानिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद इस अभियान की रणनीति बनाई गई थी, जिसे जिला एसपी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
जिलेवार प्रमुख कार्रवाई
झारसुगुड़ा : 5.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार। एक अन्य 12 करोड़ के मामले में 6 लोग पकड़े गए। एक बैंक कर्मचारी भी 42 म्यूल किट्स के दुरुपयोग में पकड़ा गया, जिसमें 2.86 करोड़ रुपये के लेनदेन सामने आए।
संबलपुर : 1.3 करोड़ रुपये के म्यूल अकाउंट फ्रॉड में शामिल गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, दिल्ली से जुड़े 32 लाख के मामले में 2 और पकड़े गए।
राउरकेला : क्वयूल अकाउंट, ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला से जुड़े 6 आरोपियों की गिरफ्तारी, 30.65 लाख रुपये बरामद।
केंदुझर : 58 म्यूल खातों के जरिए 1.14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, 5 गिरफ्तार।
सुंदरगढ़ : एक परिवार से 4.19 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में 3 लोग गिरफ्तार।
गंजाम : कई मामलों में कार्रवाई-बेगुनियापाड़ा में 2 करोड़, छत्रपुर में 1 करोड़ (क्रिप्टो फ्रॉड), बुगुड़ा में 4 करोड़ और असिका में 1.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले सामने आए।
नुआपाड़ा : 3 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय धोखाधड़ी मामले में 6 गिरफ्तार।
भुवनेश्वर : फर्जी केवाईसी दस्तावेज और पहले से सक्रिय सिम कार्ड का उपयोग करने वाले राष्ट्रीय स्तर के गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार। लग्जरी कारें, मैकबुक और 37 डेबिट कार्ड जब्त।
कटक : 29.33 करोड़ रुपये के म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, सिम कार्ड, सोना और वाहन जब्त। इसके अलावा 88 लाख रुपये के सेक्सटॉर्शन मामले में 4 और गिरफ्तार।
बालेश्वर : 58 लाख रुपये के म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश, 147 एटीएम कार्ड जब्त। एसएमएस फॉरवर्डर एपीके के जरिए कॉर्पोरेट अकाउंट हैकिंग का मामला भी उजागर।
भद्रक : 84 लाख रुपये की धोखाधड़ी में 3 गिरफ्तार, स्थानीय युवाओं के खातों का दुरुपयोग।
पुरी : 45 लाख रुपये के फर्जी बैंक खाते मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, केवाईसी दुरुपयोग में 2 और हिरासत में।
जाजपुर : धोखाधड़ी, म्यूल अकाउंट और अवैध क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े जटिल गिरोह का भंडाफोड़, डिजिटल उपकरण जब्त।
ढेंकानाल : डिजिटल पेमेंट गेटवे के जरिए 48 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच के बाद बैंकों ने नोटिस जारी किए।
इस अभियान को गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की खुफिया जानकारी का भी सहयोग मिला। इसकी सफलता का श्रेय सीआईडी क्राइम ब्रांच, बैंकिंग टीमों और टेलीकॉम कंपनियों के समन्वय को दिया गया। डीजीपी खुरानिया ने एसपी, रेंज आईजी, क्राइम ब्रांच अधिकारियों तथा बैंक और टेलीकॉम कर्मियों के प्रयासों की सराहना की और साइबर जागरुकता फैलाने में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस राज्य को साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए अपने अभियान को जारी रखेगी।