स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग
भुवनेश्वर, (निप्र) : कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर बीजेडी और कांग्रेस विधायकों के विरोध के बीच ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को दोपहर 4 बजे तक स्थगित कर दी गई। इस हादसे में 12 से लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हुए हैं।
बताया जा रहा है कि आग पहली मंजिल स्थित ट्रॉमा आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। घटना उस समय हुई जब मरीज सो रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे, प्रश्नकाल शुरू होने के तुरंत बाद विपक्षी विधायक वेल में आ गए, ‘मोहन माझी हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग की।
कई विधायकों ने अस्पताल हादसे के विरोध में तख्तियां भी लहराईं। विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने बार-बार विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए पहले सदन को दोपहर 12 बजे तक और बाद में लगातार जारी व्यवधान के कारण 4 बजे तक स्थगित कर दिया गया। उधर, ओडिशा विधानसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए पटनायक ने कहा कि अस्पताल का दौरा करने के बाद वह गहराई से व्यथित हैं।
उन्होंने इस स्थिति को राज्य के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान में गिरते सुरक्षा मानकों का गंभीर उदाहरण बताया। पटनायक ने आरोप लगाया कि ये मौतें प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि पीडि़त उम्मीद लेकर अस्पताल आए थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों के कारण अपनी जान गंवा बैठे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की आलोचना की और कहा कि जवाबदेही तय करने के बजाय केवल जांच पर निर्भर रहना उचित नहीं है। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि इससे सरकार की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती।
पटनायक ने स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने और इस बड़ी सुरक्षा विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। उन्होंने पीडि़तों के परिजनों के लिए मुआवजा बढ़ाने की भी मांग की और कहा कि सरकार द्वारा घोषित अनुग्रह राशि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये देने की मांग की। वहीं, विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है और पांच लोग गंभीर स्थिति में हैं। हमारे समय में सम अस्पताल में भी ऐसी घटना हुई थी, तब स्वास्थ्य मंत्री ने इस्तीफा दिया था। इसलिए वर्तमान भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री को भी इस्तीफा देना चाहिए। मैं प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग करता हूं। वे इसके हकदार हैं और हम आगे उचित कदम उठाएंगे।