महिलाओं के लिए अधिक टेस्ट मैच होने चाहिए
नई दिल्ली, (एजेंसी) : ऑस्ट्रेलिया के हालिया दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण पर अर्धशतक लगाने वाली भारतीय बल्लेबाज प्रतिका रावल ने महिलाओं के लिए अधिक टेस्ट मैच कराने की वकालत करते हुए इसे अपना पसंदीदा प्रारूप बताया है। प्रतिका ने इस महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए दिन-रात्रि टेस्ट की दूसरी पारी में 63 रन बनाकर भारत को पारी की हार से बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। दिल्ली खेल पत्रकार संघ (डीएसजेए) की मेजबानी में आयोजित भारतीय खेल पत्रकार संघ (एसजेएफआई) के सम्मेलन से इतर प्रतिका ने भाषा के सवाल पर कहा, टेस्ट क्रिकेट सबसे खूबसूरत प्रारूप है। बचपन से मेरे पिता और कोच कहते थे कि इस प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन करना बहुत जरूरी है। जब आपको उसी तरह तैयार किया जाता है तो स्वाभाविक रूप से यह आपका पसंदीदा प्रारूप बन जाता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने विवियन रिचर्ड्स, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और रिकी पोंटिंग जैसे महान खिलाडिय़ों के टेस्ट मैचों के वीडियो देखकर खुद को इस प्रारूप के लिए तैयार किया है। प्रतिका ने कहा, मैंने इन महान बल्लेबाजों के कई वीडियो देखे हैं। टेस्ट क्रिकेट में जिस तरह वे खेलते थे, वह हमेशा प्रेरित करता रहा है। महिला टेस्ट मैचों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जितने अधिक टेस्ट मैच होंगे, उतना बेहतर होगा। उनके अनुसार टेस्ट क्रिकेट खेलने का अनुभव खिलाड़ी को न केवल बेहतर बनाता है, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में भी उसे परिपञ्चव करता है।
डीडीसीए ने किया सक्वमानित
एसजेएफआई के इस चार दिवसीय स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित पुरस्कार समारोह में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने प्रतिका को 51 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया। वहीं विश्व कप विजेता भारतीय अंडर-19 पुरुष टीम के सदस्य उद्धव मोहन को 11 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
खिलाडिय़ों को मिलने वाली पहचान ही करती है प्रेरित
पच्चीस साल की दाएं हाथ की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज प्रतिका ने कहा कि खिलाडिय़ों को मिलने वाली पहचान उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।उन्होंने कहा, मैं बेहद खुश हूं। खिलाडिय़ों को समय-समय पर इस तरह की पहचान मिलना वास्तव में शानदार है। मैंने दिल्ली से काफी क्रिकेट खेला है और यहां आकर रोहन सर से पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए गर्व का क्षण है। पिछले साल महिला विश्व कप में चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होने से पहले प्रतिका ने सात मैचों की छह पारियों में एक शतक की मदद से 308 रन बनाए थे और वह टूर्नामेंट की सर्वाेच्च स्कोररों की सूची में चौथे स्थान पर थीं।