भुवनेश्वर, (निप्र) : कांग्रेस ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान करने और उन्हें राज्यसभा चुनाव जीतने में मदद करने के लिए अपने तीन विधायकों को मंगलवार को पार्टी से निलंबित कर दिया। पार्टी ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। इन विधायकों में सनाखेमुंडी के रमेश चंद्र जेना, मोहना के दाशरथी गमांग और बारबाटी-कटक की सोफिया फिरदौस शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, इन विधायकों ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान राय के पक्ष में वोट दिया था।
उनके निलंबन की घोषणा करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, जो लोग कांग्रेस के साथ विश्वासघात करते हैं, वे राष्ट्र के साथ विश्वासघात करते हैं। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरबिंद दास ने कहा कि उनके कृत्यों की सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया और इन कृत्यों को पार्टी के हितों के लिए हानिकारक माना गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, इन विधायकों से इस तरह के विश्वासघात की उम्मीद नहीं थी। हम सुनिश्चित करेंगे कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को इस फैसले की जानकारी दे दी गई है।
तीन कांग्रेस विधायकों के अलावा बीजू जनता दल (बीजद) के आठ विधायकों ने भी राय के पक्ष में मतदान किया था, जिसके कारण विपक्ष के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता की हार हुई। कांग्रेस ने रणनीतिक समझ के तहत बीजद उम्मीदवार होता का समर्थन करने का फैसला किया था। कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने बताया कि गमांग दो बार गजपति से पार्टी के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा, पार्टी को उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। जेना एक कद्दावर नेता हैं, लेकिन उन्होंने खुद को बर्बाद कर लिया। सोफिया फिरदौस का भविष्य बहुत उज्ज्वल था। कटक से जीतने की उनकी संभावनाएं खत्म हो गई हैं। हम अयोग्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। मतदान से पहले कांग्रेस ने अपने आठ विधायकों को प्रलोभनों से बचाने के लिए कर्नाटक भेज दिया था। ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हुए। इनमें से दो सीट भाजपा ने जीतीं और एक सीट बीजद ने हासिल की। इसके अलावा राय ने भी जीत हासिल की।
तीनों विधायकों को अयोग्ठ ठहराने की मांग
प्रदेश कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने मंगलवार को राज्य विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी के समक्ष एक याचिका दायर कर पार्टी के तीन विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। इन पर आरोप है कि इन्होंने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की। सीएलपी नेता रामचंद्र काडाम द्वारा दायर याचिका में मोहना विधायक दाशरथी गमांग, बारबाटी-कटक विधायक सोफिया फिरदौस और सानेखेमुंडी विधायक रमेश जेना पर 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में कहा गया है कि इन विधायकों ने पार्टी व्हिप की अवहेलना की, जो भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत दलबदल की श्रेणी में आता है। काडाम ने तर्क दिया कि उनका यह आचरण पार्टी अनुशासन को कमजोर करता है और लोकतांत्रिक जनादेश का उल्लंघन है। सीएलपी नेता ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि मामले का संज्ञान लेकर इन विधायकों को ओडिशा विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की कार्यवाही शुरू की जाए। काडाम ने अपनी याचिका के साथ पार्टी व्हिप जारी होने और मतदान से जुड़े दस्तावेज एवं साक्ष्य भी संलग्न किए हैं, ताकि अध्यक्ष आवश्यक कार्रवाई कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा की गरिमा बनाए रखने और संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।