राजधानी के बाहर भी होंगे शिकायत सुनवाई कार्यक्रम
भुवनेश्वर, (निप्र) : मोहन चरण माझी ने ओडिशा विधानसभा में सामान्य प्रशासन एवं जन शिकायत विभाग की अनुदान मांग पर जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ओडिशा को एक समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने
अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' मंत्र को आधार बनाकर राज्य में तेज विकास की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ की कृपा और राज्य की जनता के विश्वास को सरकार की सबसे बड़ी ताकत बताया।
जन शिकायत में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए व्यवस्था में सुधार किया है। 1 जुलाई 2024 से मुख्यमंत्री स्वयं शिकायत सुनवाई में शामिल हो रहे हैं। अब तक लगभग 15 हजार शिकायतों की सुनवाई की जा चुकी है, जिनमें से करीब 93 प्रतिशत का समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राजधानी से बाहर भी शिकायत सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और आगे संबलपुर की तरह अन्य जिलों-कलाहांडी, बालेश्वर और अनगुल में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होंगे।
राहत सहायता और जनकल्याण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 2025-26 में मुख्यमंत्री राहत कोष से 915 मामलों में गरीबों के इलाज और दुर्घटना पीडि़तों के लिए 26.32 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। इसके लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है। सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए बड़े पैमाने पर नियुञ्चितयां की हैं। अब तक 26 विभागों में 39,505 लोगों को नियुञ्चित पत्र दिए गए हैं। आगामी वित्त वर्ष में ओडिशा लोक सेवा आयोग (ओपीएससी), ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग (ओएसएससी) और ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग (ओएसएसएससी) के माध्यम से हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। सरकार ने अधिकतम आयु सीमा 32 से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी है (कुछ सेवाओं को छोड़कर) और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम भी लागू किए हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। अब तक 376 मामलों में 640 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 369 गिरफ्तारियां हुई हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में 248 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने प्रशासनिक और शासन सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। 'विकसित ओडिशा-विजन 2036 और 2047 को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026-27 के लिए सामान्य प्रशासन एवं जन शिकायत विभाग हेतु 773.99 करोड़ रुपये की अनुदान मांग विधानसभा में प्रस्तुत की गई है। उन्होंने सभी सदस्यों से इसे पारित करने का अनुरोध किया। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सरकार है और जनकल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।