राज्य सरकार की नीति आदिवासी विरोधी : बीजेडी
भुवनेश्वर, (निप्र) : रायगड़ा जिले के सिजिमाली क्षेत्र में आदिवासी समुदाय पर कथित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बीजू जनता दल (बीजेडी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अमानवीय करार दिया और पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। शंख भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पार्टी के रायगड़ा जिला अध्यक्ष जगन्नाथ सारका, कोरापुट जिला अध्यक्ष झिन्न हिक्का और मीडिया संयोजक डॉ प्रियव्रत माझी ने आरोप लगाया कि सिजिमाली में आदिवासियों के साथ हुई बर्बरता राज्य की भाजपा सरकार की आदिवासी विरोधी नीति को उजागर करती है।
जगन्नाथ सारका ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद बीजेडी का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और प्रभावित लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन कंपनी द्वारा बनाए जा रहे सड़क निर्माण का वे विरोध कर रहे थे, जिसके बाद प्रशासन द्वारा उन पर अत्याचार किया गया। उन्होंने कहा कि स्थानीय आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर किसी भी प्रकार का औद्योगिक विकास संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए नियमों के अनुसार ग्रामसभा आयोजित कर आवश्यक अनुमोदन लिया जाए।
वहीं, झिन्न हिक्का ने कहा कि सिजिमाली में जिस प्रकार पुलिस और प्रशासन द्वारा आदिवासी समुदाय पर कार्रवाई की गई, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोग पेसा कानून और वन कानून के उल्लंघन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन देर रात बिजली काटकर प्रशासन ने उन पर बर्बर हमला किया। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य और देश दोनों स्तर पर आदिवासी नेतृत्व होने के बावजूद ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। बीजेडी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है।