भुवनेश्वर, (निप्र) : आगामी 18 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होगा और इस बार सत्र की शुरुआत से ही माहौल गरम रहने के आसार हैं। सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। धान मंडी मुद्दा, महानदी जल विवाद, मोटरयान प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) नियम, कानून-व्यवस्था और एसआईआर जैसे कई मुद्दे विपक्ष के हाथ में हैं, जिन्हें एक-एक कर उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सत्र से पहले राज्य की राजनीति भी काफी सक्रिय हो गई है। पिछले कुछ दिनों में बीजद के कई जमीनी स्तर के नेताओं को भाजपा अपने पाले में शामिल कर चुकी है।
वहीं बीजद भी सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख बनाए हुए है और संसद से लेकर विधानसभा के बाहर तक राज्य सरकार की कड़ी आलोचना कर रही है। महिला उत्पीडऩ, कानून-व्यवस्था और धान की कम कीमत जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। दूसरी ओर कांग्रेस भी अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी है। विधानसभा सत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सभी दलों से अपील की है। इसके लिए 16 फरवरी को विधानसभा परिसर में अध्यक्ष की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित होगी। विपक्ष केंद्र्र और राज्य बजट की कमियों को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बीजद ने पहले ही महानदी मुद्दे पर सरकार के रुख को लेकर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि कटौती के नाम पर किसानों का शोषण हो रहा है। कोटिया और पोलावरम जैसे मुद्दे भी इस बार चर्चा में रहेंगे। राज्य में कानून-व्यवस्था, चार महीने से भत्ता न मिलने और गांवों में विकास कार्य ठप रहने जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे। पीयूसीसी से जुड़ी परेशानियां भी विपक्ष का मुद्दा रहेंगी। कांग्रेस धान मंडी समस्या और मनरेगा बंद होने के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी। महिला उत्पीडऩ में वृद्धि, बिजली समस्या और कानून-व्यवस्था भी प्रमुख विषय होंगे। 16 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सत्र के लिए अंतिम रणनीति तय की जाएगी।
विपक्ष का सामना करने के लिए सरकार तैयार
उधर सरकार भी विपक्ष का सामना करने के लिए तैयार है। सत्तारूढ़ दल 'डबल इंजनÓ सरकार के तहत ओडिशा को मिल रहे लाभों को गिनाकर विपक्ष का जवाब देने की योजना बना रहा है। केंद्र और राज्य बजट से राज्यवासियों को होने वाले फायदे और रेलवे परियोजनाओं के दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि धान का अधिक मूल्य मिलने से किसानों की आय बढ़ी है और अपराध के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाई गई है। इस राजनीतिक टकराव के बीच विधानसभा में इस बार कुछ नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। बीजद से निलंबित विधायक अरविंद महापात्र और सनातन महाकुड़ की भूमिका पर भी नजर रहेगी। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व और कुछ विधायकों के बीच चल रहे विवाद का असर सत्र में दिखाई देगा या नहीं, यह भी एक महत्वपूर्ण पहलू रहेगा। कुल मिलाकर इस बार बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी भिड़ंत के आसार हैं और सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार विपक्ष के सवालों का किस तरह सामना करती है।