नई दिल्ली/भुवनेश्वर, (सन्मार्ग ब्यूरो) : केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच की सरकार की कथित मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ गुरुवर को आहूत एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का सामान्य जनजीवन पर कुल मिलाकर अधिक असर नहीं पड़ा। खबरों के मुताबिक ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, गोवा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। 12 घंटे के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के कारण ओडिशा में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग सहित प्रमुख सड़कों के जाम होने से सार्वजनिक परिवहन, बाजार, शैक्षणिक संस्थान और कारोबारी प्रतिष्ठान प्रभावित हुए। भुवनेश्वर, कटक, बालेश्वर, ब्रह्मïपुर और संबलपुर सहित सभी प्रमुख शहरी इलाकों में बंद का असर महसूस किया गया। झारखंड के बैंक ऑफ इंडिया कर्मचारी संघ के उपमहासचिव उमेश दास ने कहा कि राज्य में हड़ताल के कारण बैंकिंग, बीमा एवं कोयला क्षेत्र प्रभावित हुए। राज्य में वाम दलों और कांग्रेस ने भी हड़ताल को समर्थन दिया। छत्तीसगढ़ में कई राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे क्योंकि कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। बीमा कंपनियों और डाकघरों के कर्मचारियों के साथ-साथ मजदूरों और किसानों ने भी आंदोलन में भाग लिया जिससे संबंधित क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ। खनिज-समृद्ध राज्य में खनन गतिविधियां आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। हालांकि, राज्य में परिवहन सेवाएं सामान्य रहीं और दुकानें, बाजार तथा अधिकतर कारोबारी प्रतिष्ठान खुले रहे।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले सहित कई इलाकों में मौटे तौर पर सामान्य स्थिति बनी रही, जहां भिलाई इस्पात संयंत्र में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा। तमिलनाडु में बंदरगाह संचालन प्रभावित रहा और श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। तूतीकोरिन और चेन्नई बंदरगाहों पर आंदोलन का सबसे ज्यादा असर पड़ा। कुछ प्रमुख मोटर वाहन एवं इलेक्ट्रॉनिक इकाइयों में उत्पादन कम कार्यबाल के साथ काम जारी रहा लेकिन श्रीपेरंबदूर-ओरागदम औद्योगिक क्षेत्र में परिवहन वाहनों की कमी के कारण माल की आवाजाही में देरी हुई। केरल में राज्य सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए डाइस-नॉन (वह दिन जब कोई कानूनी कारोबार नहीं किया जाता) घोषित किया। पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल को समर्थन दिया। पार्टी ने घोषणा की कि पंजाब समेत देशभर में उसके कार्यकर्ता मजदूरों और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बंद में शामिल होंगे। गोवा में आंदोलन का मिला-जुला असर देखने को मिला, जहां बैंकिंग परिचालन प्रभावित रहा जबकि आवश्यक सेवाएं निर्बाध रहीं। तटीय राज्य में राष्ट्रीयकृत बैंक और कई बीमा कंपनियों के कार्यालय बंद रहे। मध्य प्रदेश में रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत 25 हजार से अधिक असैनिक कर्मचारी हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को एक घंटे देरी से काम पर पहुंचे।