पुरी/भुवनेश्वर, (निप्र) : पुरी स्थित श्रीमंदिर में जून 2024 से लेकर वर्ष 2026 की शुरुआत तक सुरक्षा में 10 बार सेंध लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इस दौरान मंदिर परिसर के ऊपर अवैध रूप से ड्रोन उड़ाए जाने के मामले दर्ज किए गए हैं।
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शनिवार को ओडिशा विधानसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनधिकृत ड्रोन उड़ानों से संबंधित 10 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से दो मामलों में अंतिम प्रतिवेदन दाखिल किया जा चुका है, जबकि शेष आठ मामलों की जांच जारी है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अक्टूबर 2025 में मंदिर परिसर को 'रेड जोनÓ घोषित करते हुए इसे पूर्ण रूप से नो-फ्लाई क्षेत्र घोषित किया है। सितंबर 2028 तक केंद्रीय सरकार की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की ड्रोन उड़ान पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि नियमों का उल्लंघन कर मोबाइल लेकर प्रवेश करने के आरोप में लगभग 700 श्रद्धालुओं को पकड़ा गया, जिन पर कुल 6.93 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इस संबंध में सिंहद्वार थाना में नौ मामले दर्ज किए गए, जिनमें से सात का निस्तारण हो चुका है और दो की जांच जारी है। इसी प्रकार मंदिर परिसर के भीतर अवैध फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के आठ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से तीन मामलों की जांच अभी भी जारी है। इन खुलासों के बीच 12वीं शताब्दी के इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व वाले मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात करने और नियमों के सख्त पालन को लेकर भी चर्चा जारी है, ताकि मंदिर की पवित्रता और विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।