कटक, (निप्र) : शैलाबाला महिला स्वायत्त महाविद्यालय, कटक (ओडिशा) की छात्राओं ने विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को छात्राओं ने कॉलेज परिसर के सामने प्रदर्शन किया। वे पिछले 28 दिनों से लगातार विरोध कर रही हैं और शुक्रवार को पेश किए गए राज्य बजट में उनकी लंबे समय से लंबित मांग का उल्लेख न होने पर नाराजगी जाहिर की।
छात्राओं का आरोप है कि पूर्व में धरना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने तथा कई बार अपील करने के बावजूद सरकार ने उनकी मांग पूरी करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए छात्राओं ने सरकार की कथित उदासीनता पर निराशा व्यञ्चत की।
प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से शैक्षणिक अवसरों का विस्तार होगा, बुनियादी ढांचे में सुधार आएगा और संस्थान को अधिक स्वायत्तता प्राप्त होगी। एक छात्रा ने कहा, हम कई दिनों से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को चार कॉलेजों को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया, लेकिन हमारे 113 वर्ष पुराने संस्थान को नजरअंदाज कर दिया गया।
सरकार ने हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया है। छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी तो उनका आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने जल्द से जल्द वार्ता शुरू करने और शैलाबाला महिला कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की औपचारिक घोषणा करने की मांग की है।
यह जारी आंदोलन कॉलेज की छात्राओं की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को दर्शाता है, जो अपने ऐतिहासिक महत्व और शैक्षणिक संभावनाओं के अनुरूप संस्थान को औपचारिक मान्यता और उन्नयन दिलाने की मांग कर रही हैं। इस दौरान छात्राओं ने सड़क जाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी दिव्यरंजन देव कॉलेज पहुंचे एवं छात्राओं को समझाया। इसके बाद छात्राओं ने सड़क जाम हटा दिया।