सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील भाषा पर भी होगी कार्रवाई
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एक सख्त कानून लाने की तैयारी में है। कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रस्तावित कानून का दायरा सार्वजनिक स्थानों तक भी होगा, जहां किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा के उपयोग को भी निगरानी के दायरे में लाया जाएगा।
यह पहल डिजिटल और ऑफलाइन दोनों ही वातावरण में भाषा के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सामने आई है। इस संबंध में विधि आयोग पहले ही अपना प्रस्ताव सरकार को सौंप चुका है। मंत्री के अनुसार, सरकार बढ़ते आपत्तिजनक और अपमानजनक अभिव्यक्तियों को रोकने के लिए 'हेट स्पीच और हेट क्राइम प्रिवेंशन एक्ट लागू करने की तैयारी कर रही है।
हरिचंदन ने कहा कि सोशल मीडिया के मानक लगातार गिर रहे हैं और सभी आयु वर्ग के लोग इन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, इसलिए आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह मंच तेजी से विषाक्त होता जा रहा है, जहां आम उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोग भी अनुचित व्यवहार करते देखे जा रहे हैं।
मंत्री ने हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह कानून सार्वजनिक संवाद, विशेष रूप से सोशल मीडिया पर, जवाबदेही और अनुशासन लाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का बढ़ता चलन चिंताजनक मानसिकता को दर्शाता है और इसे समय रहते सुधारना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून निवारक के रूप में काम करेगा और जिम्मेदार तथा सम्मानजनक संवाद को बढ़ावा देगा।