ब्रह्मपुर, (निप्र) : सेवा, त्याग और करुणा की मिसाल पेश करते हुए 97 वर्षीय समाजसेविका डा के लक्ष्मीबाई ने अपनी पूरी जीवनभर की जमा पूंजी 3.40 करोड़ रुपये एआईआईएमएस भुवनेश्वर को दान देने की घोषणा की है। यह राशि विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर पीडि़त महिलाओं के इलाज और कैंसर की प्रारंभिक जांच के लिए उपयोग की जाएगी। ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभती परिडा ने डा लक्ष्मीबाई के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने डा लक्ष्मीबाई को केवल एक इंसान नहीं, बल्कि एक जीवित किंवदंती बताया। डा लक्ष्मीबाई का जन्म वर्ष 1926 में हुआ था, जब भारत स्वतंत्र भी नहीं हुआ था। उस दौर में सामाजिक रूढिय़ों को तोड़ते हुए उन्होंने अमेरिका जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। विदेश में सुविधाजनक जीवन चुनने के बजाय वे ओडिशा लौट आईं और राज्य के दूर-दराज तथा वंचित इलाकों में महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डा लक्ष्मीबाई का यह कदम केवल दान नहीं, बल्कि मानवता के प्रति एक नैतिक संदेश है। उन्होंने संपत्ति से ऊपर सेवा और सुविधा से ऊपर करुणा को प्राथमिकता देकर समाज के लिए एक आदर्श स्थापित किया है। परिडा ने कहा डा लक्ष्मीबाई से मिलना मेरी लंबे समय से इच्छा थी। ओडिशा की महिलाओं को सुभद्रा योजना का लाभ देने से पहले आज मैंने उनका आशीर्वाद लिया। डा लक्ष्मीबाई की यह प्रेरणादायक यात्रा न सिर्फ ओडिशा के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सबसे बड़ी विरासत धन से नहीं, बल्कि बदली हुई जिंदगियों से बनती है।