भुवनेश्वर, (निप्र) : माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति में संशोधन किया है। नई नीति में वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ाए गए हैं और इसकी सीमा का दायरा भी विस्तारित किया गया है। यह पिछले दो महीनों में इस नीति में दूसरा संशोधन है।
संशोधित नीति के तहत अब अन्य राज्यों के माओवादियों को भी ओडिशा में आत्मसमर्पण करने और राज्य के पुनर्वास एवं बसावट योजना के तहत लाभ लेने की अनुमति दी जाएगी। गृह विभाग ने नई गाइडलाइन के तहत विस्तृत प्रावधानों के साथ अधिसूचना जारी की है। नई नियमावली के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को हथियार डालने के 60 दिनों के भीतर पुनर्वास लाभ प्रदान किया जाएगा। यह योजना वर्तमान में ओडिशा में सक्रिय माओवादियों पर लागू होगी। इसके अलावा, ओडिशा-केडर माओवादियों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज की भी व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित नीति का उद्देश्य पुनर्वास प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना और हिंसा छोडऩे वाले पूर्व विद्रोहियों को संरचित सहायता प्रदान करना है।
अब केंद्रीय समिति या पोलितब्यूरो के सदस्य 1.10 करोड़ रुपये तक के लाभ के पात्र होंगे। राज्य समिति के सदस्य 55 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं। क्षेत्रीय समिति के सदस्य 33 लाख तक के लाभ के अधिकारी होंगे। अधिकारियों के अनुसार, 5 लाख से अधिक इनामी माओवादियों को योजना के तहत अतिरिक्त 10 लाख का फिक्स्ड डिपॉजिट भी मिलेगा। संशोधित पैकेज में हथियार और गोला-बारूद के साथ आत्मसमर्पण करने पर विशेष प्रोत्साहन भी शामिल हैं। इसके तहत लाइट मशीन गन (एलएमजी) के लिए 4.95 लाख, एके-47 राइफल के लिए 3.30 लाख रुपये, इन्सास या एसएलआर राइफल के लिए 1.65 लाख रुपये, ग्रेनेड के लिए 550 रुपये प्रति ग्रेनेड, गोली के लिए 55 रुपये प्रति गोली, बिना हथियार आत्मसमर्पण करने वालों को अतिरिक्त 25,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने फिर से यह स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करना और प्रभावित जिलों में सामान्य स्थिति बहाल करना है।
अधिकारियों ने कहा कि यह बढ़ाया गया नीति पैकेज अधिक माओवादी कैडरों को विद्रोह छोडऩे और समाज में पुन: शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया है। सरकार ने मार्च के अंत तक देश को नक्सल-मुञ्चत बनाने का लक्ष्य रखा है और आशा व्यक्त की है कि संशोधित आत्मसमर्पण नीति माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।