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Thursday, Feb 26, 2026
Published on: Wednesday, February 25, 2026
राज्य

राज्य में प्रदूषण नियमों की धज्जियां : 18 महीनों में 83 उद्योग दोषी, फिर भी नहीं लगा जुर्माना


 
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य में पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान बड़ी संक्चया में औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन किए जाने का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन इकाइयों में से किसी पर भी अब तक जुर्माना नहीं लगाया है। यह जानकारी राज्य विधानसभा में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने दी। मंत्री ने यह विवरण बीजेडी विधायक गौतम बुद्ध दास के प्रश्न के उत्तर में साझा किया। उनके अनुसार, बीते 18 महीनों में राज्य की कुल 83 औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण मानकों का उल्लंघन करती पाई गई हैं।
किस जिले में कितने उद्योग दोषी?
मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न जिलों में उल्लंघन करने वाली इकाइयों की संक्चया इस प्रकार है- सुंदरगढ़ में 23 इकाइयां, झारसुगुड़ा में 10 इकाइयां, जाजपुर में 10 इकाइयां, संबलपुर में 16 इकाइयां, ढेंकानाल में 5 इकाइयां, अनगुल में 7 इकाइयां और कटक में 2 इकाइयां हैं। इनमें अधिकांश छोटे-बड़े इस्पात कारखाने और ताप विद्युत केंद्र शामिल हैं।
 बड़े नाम भी सूची में शामिल
प्रदूषण नियमों के उल्लंघन की सूची में कई प्रमुख औद्योगिक घरानों और सार्वजनिक उपक्रमों के नाम भी सामने आए हैं। झारसुगुड़ा में सरकारी उपक्रम ओपीजीसी का इब थर्मल पावर स्टेशन, सुंदरगढ़ में एनटीपीसी सेल थर्मल पावर स्टेशन और एनटीपीसी का दार्लिपाली ताप विद्युत केंद्र, जाजपुर में जिंदल स्टेनलेस स्टील, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड, टाटा स्टील और मैथन अलॉयज, संबलपुर में भूषण पावर एंड स्टील, आदित्य एल्युमिनियम और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ढेंकानाल में टाटा समूह द्वारा अधिग्रहित भूषण संयंत्र और रिमझिम इस्पात, अनगुल में एनटीपीसी का तालचेर सुपर थर्मल पावर स्टेशन तथा जिंदल इंडिया थर्मल पावर, कटक जिले में एक इस्पात और एक ताप विद्युत इकाई। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन सभी इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब तक किसी पर भी आर्थिक दंड नहीं लगाया गया है। यह तथ्य प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।
13 हजार से अधिक निरीक्षण
मंत्री के अनुसार, ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्यभर में 13,000 से अधिक औद्योगिक निरीक्षण किए हैं। इनमें सुंदरगढ़ में सर्वाधिक 1,672 निरीक्षण, कटक में 1,106 निरीक्षण, गंजाम में 1,090 निरीक्षण, जबकि सबसे कम 27 निरीक्षण कंधमाल जिले में किए गए। एक ओर जहां उद्योगों की बड़ी संक्चया प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करती पाई गई है, वहीं दूसरी ओर दंडात्मक कार्रवाई का अभाव राज्य के पर्यावरण संरक्षण तंत्र की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार नोटिस जारी करने के बाद आगे क्या ठोस कदम उठाती है।

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