भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य में पहली मेट्रो रेल भुवनेश्वर और कटक नगर निगम के बीच चलेगी। देश के बड़े-बड़े मेट्रो शहरों भुवनेश्वर शामिल हो जाएगा। इस ट्विन सिटी के लिए तैयार की गई योजना का भविष्य फिलहाल पुन: परीक्षण में अटका हुआ है। मेट्रो रेल परियोजना शुरू होगी या नहीं, इस संबंध में सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। विधानसभा में शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा के लिए एक अंतर-मंत्रीस्तरीय समिति का गठन किया गया है। राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति के अनुरूप यह समिति परियोजना की वास्तविकता, यात्री संख्या तथा तकनीकी पहलुओं का पुन: आकलन करेगी।
इसके साथ ही एक समग्र गतिशीलता योजना (कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान) एवं ओडिशा में सतत शहरी गतिशीलता परिवर्तन योजना (सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी ट्रांजिशन प्लान) तैयार की गई है। मंत्री ने बताया कि इससे परियोजना को अधिक कार्यक्षम और आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने में सहायता मिलेगी। पूर्व बीजू जनता दल सरकार के कार्यकाल में राज्य में मेट्रो रेल की परिकल्पना की गई थी। भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कटक के त्रिशूलिया तक लगभग 26 किलोमीटर लंबी मेट्रो रेल चलाने की योजना थी। इस मार्ग पर 26 स्टेशनों का प्रस्ताव रखा गया था। प्रमुख स्टेशनों में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कैपिटल अस्पताल, भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन, वाणी विहार, जयदेव विहार, पटिया, नंदनकानन तथा त्रिशूलिया शामिल थे। इस परियोजना के लिए 6,255 करोड़ 94 लाख रुपये का व्यय स्वीकृत किया गया था।
इसे लागू करने के लिए तत्कालीन सरकार द्वारा गठित भुवनेश्वर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के साथ प्रथम चरण के निर्माण कार्य हेतु समझौता किया था। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना था और 4 वर्षों में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। अप्रैल 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस परियोजना की घोषणा की थी। आम चुनाव से पहले, 1 जनवरी 2024 को उन्होंने इसका शिलान्यास भी किया था। इसे विश्वस्तरीय बनाने की योजना बनाई गई थी। डीएमआरसी ने प्रारंभिक चरण में मिट्टी परीक्षण का कार्य भी आरंभ कर दिया था और टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसी बीच राज्य में सत्ता परिवर्तन हो गया। बीजू जनता दल के हटने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने नई सरकार बनाई।
नई सरकार बनने के बाद जुलाई 2025 में मेट्रो रेल परियोजना के लिए जारी टेंडर रद्द कर दिए गए। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि परियोजना को पुन: डिजाइन करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। परियोजना की समीक्षा के लिए अंतर-मंत्रिस्तरीय समिति गठित की गई है, किंतु चालू बजट में मेट्रो रेल के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई है। इससे शहरवासियों के मन में आशंका उत्पन्न हो गई है कि परियोजना का कार्य आरंभ होगा या नहीं। बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल परियोजना के पुरी तक विस्तार की भी चर्चा है, लेकिन इसका भविष्य कब स्पष्ट होगा, यह अभी अनिश्चित बना हुआ है।