अनगुल, (निप्र) : जिंदल स्टील की कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) इकाई जिंदल फाउंडेशन ने सातकोसिया टाइगर रिजर्व के आसपास के वन क्षेत्रों से स्वेच्छा से पुनर्वासित परिवारों के लिए आजीविका समर्थन कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिला प्रशासन की पहल पर इन परिवारों का पुनर्वास मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से किया गया था।
इसी कड़ी में धौरागोठ गांव में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों को सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम बेड तैयार करने, उत्पादन की विधि, रखरखाव, कटाई और विपणन की मूल तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही मशरूम के पोषण मूल्य और इसकी आय-संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि मशरूम उत्पादन से पारंपरिक आजीविकाओं की तुलना में अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित समुदाय के बीच दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में जिला वन अधिकारी गदाधर पात्र, जिंदल स्टील के उपाध्यक्ष (सीएसआर) ऋषि पठानिया, महाप्रबंधक (सीएसआर) जयंत कुमार मोहंती तथा ग्राम समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिंदल फाउंडेशन पिछले एक वर्ष से लगभग 1,000 वनवासी परिवारों को खाद्यान्न सहायता भी प्रदान कर रहा है।